बरेली मण्डल में 12 सालों में पर्यटन विकास को मिली नई गति
बरेली मण्डल में 12 सालों में पर्यटन विकास को मिली नई गति
बरेली रूबरू बरेली। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों के विकास को प्राथमिकता देते हुए वर्ष 2014 से वर्ष 2026 तक बरेली मण्डल के बरेली, बदायूं, पीलीभीत एवं शाहजहांपुर में पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के विकास हेतु अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत एवं संचालित की गई हैं।
इन परियोजनाओं के माध्यम से धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक तथा ईको-टूरिज्म स्थलों का व्यापक विकास किया जा रहा है।
उप निदेशक पर्यटन रविंद्र कुमार के अनुसार बरेली में अहिच्छत्र, पार्श्वनाथ जैन मंदिर, अलखनाथ मंदिर, तपेश्वरनाथ मंदिर, धोपेश्वरनाथ मंदिर, तुलसी मठ, सुखराम धाम मंदिर, फतेहगंज पश्चिमी में शिव मंदिर, बिथरी चैनपुर में भीठानाथ मंदिर, नानकपुरी गुरुद्वारा, रानी देवी तालाब, वंशी मठ, विधानसभा मीरगंज के ग्राम ज्वालापुर, ग्राम समस्तपुर और ग्राम ईध जागीर में प्राचीन शिव मंदिर, विधानसभा भोजीपुरा में सेमाखेडा दाऊजी में प्राचीन शिव मंदिर, विधानसभा फरीदपुर में शिव मंदिर पहलूनाथ सहित अनेक धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों का विकास कराया गया है।
विशेष रूप से नाथ कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत अलखनाथ, तपेश्वरनाथ, धोपेश्वरनाथ, वनखंडीनाथ, त्रिवटीनाथ, पशुपतिनाथ तथा तुलसी मठ जैसे प्रमुख नाथ स्थलों पर करोड़ों रुपये की लागत से आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अहिच्छत्र के समेकित विकास, इको- टूरिज्म स्थलों तथा विभिन्न प्राचीन मंदिरों के विकास कार्य भी स्वीकृत किए गए हैं।
बदायूं जिले में अशोक बुद्ध स्थल, कछला गंगा घाट, ककोरा देवी मंदिर, बाबा कालसेन मंदिर, मंगला माता मंदिर, माता मलाई देवी मंदिर, गंगा देवी मइया मंदिर तथा विभिन्न धार्मिक एवं पौराणिक स्थलों पर यात्री सुविधाओं के विकास हेतु अनेक परियोजनाएं संचालित की गई हैं।
विधानसभा बदायूं सदर में सूर्यकुण्ड में पर्यटन विकास का कार्य, विधानसभा दातागंज स्थित प्राचीन मंदिर नेता झुकसा एवं ब्रह्मदेव महाराज मंदिर का पर्यटन विकास कार्य, विधानसभा बिसौली स्थित प्राचीन शिव मंदिर, विधानसभा शेखपुर स्थित प्राचीन ककोरा देवी मंदिर, विधानसभा दातागंज में स्थित श्री नरो शक्ति देवी मंदिर, विधानसभा बिल्सी में दुर्गा देवी भवन मंदिर, विधानसभा बिल्सी के ग्राम सिरसोल जसा में खेरे वाली माता मंदिर, विधानसभा दातागंज की ग्राम पंचायत गलौथी स्थित कुरु खेड़ा सिद्ध बाबा मंदिर, विधानसभा सहसवान के तहसील बिल्सी के ग्राम धर्मपुर सरेश में परी माता मंदिर, विधानसभा बदायूं के ग्राम घौसपुर में स्थित तपोश सिद्ध बाबा, विधानसभा सहसवान में पौराणिक तीर्थ स्थल सहस्त्रबाहु, विधानसभा दातागंज में स्थित श्री बाबा देवासदास मंदिर, विधानसभा बिसौली में प्राचीन मंदिर बहादुर सिंह हनुमान जी सहित अन्य पर्यटन कार्यों का विकास किया गया है
पीलीभीत जिले में चूका स्थित टाइगर रिजर्व इको- टूरिज्म, गोमती उद्गम स्थल, लिलहर शिव सरोवर, ब्रह्मचारी घाट, विधानसभा पूरनपुर स्थित गोमती उद्गम स्थल, विधानसभा बरखेड़ा स्थित पांच प्रयाग आश्रम, विधानसभा सदर स्थित पौराणिक ब्रह्मचारी घाट, विधानसभा बरखेड़ा में श्री ठाकुर जी महाराज विराजमान मंदिर, विधानसभा पूरनपुर में इको टूरिज्म स्थलों, विधानसभा पूरनपुर में गूंगादेवी मंदिर ग्राम महादेव माता माफी, विधानसभा बीसलपुर के ग्राम लिलहर में शिव सरोवर, चक्रतीर्थ जहानाबाद तथा अन्य धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों पर पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व एवं ईको- टूरिज्म स्थलों के विकास से क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
शाहजहांपुर जिले में परशुराम मंदिर, हनुमत धाम, विश्वनाथ मंदिर, नागतारा मंदिर, बाबा देवस्थान, मनकामेश्वरनाथ मंदिर, छोटी विरासत घाट,जलपा देवी मंदिर सहित अनेक धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। विधानसभा कटरा स्थित प्राचीन शिव मंदिर ग्राम खमरिया, विधानसभा ददरौल स्थित प्रसिद्ध सिद्ध बाबा देवस्थान ग्राम सुंदरपुर, विधानसभा तिलहर स्थित दुर्गा देवी एवं बालाजी प्राचीन मंदिर, विधानसभा पुवाया में श्रीमनकामेश्वर नाथ मंदिर, विधानसभा तिलहर के ग्राम पंचायत चनौरा निगोही स्थित बगहा बाबा मंदिर सहित अन्य पर्यटन कार्यों का विकास किया गया है
उप निदेशक पर्यटन रविन्द्र कुमार के अनुसार पर्यटन विभाग द्वारा प्राप्त प्रस्तावों एवं स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों पर मल्टीपरपज हॉल, यात्री विश्राम गृह, टॉयलेट ब्लॉक, पेयजल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, इंटरलॉकिंग पथ, साइनेज, हॉर्टिकल्चर, बैठने की व्यवस्था तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास कराया जाता है।
इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से न केवल श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी बल्कि स्थानीय स्तर पर निवेश, स्वरोजगार, पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों तथा रोजगार सृजन को भी महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा।
साथ ही क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को संरक्षित करने के साथ- साथ उसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी सहायता मिलेगी। निर्भय सक्सेना
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