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बरेली में एक छत के नीचे कब होंगे बिजली, शिक्षा विभाग आदि सरकारी कार्यालय

बरेली में एक छत के नीचे कब होंगे बिजली, शिक्षा विभाग आदि सरकारी कार्यालय

           
बरेली रूबरू बरेली । उत्तर प्रदेश का बरेली स्मार्ट सिटी घोषित हुए कई वर्ष हो गए। बरेली शहर में  कही भी अभी तक दो पहिया वाहन पार्किंग,  कूड़ा निस्तारण का प्रोजेक्ट अभी तक नही होने का खमियाजा जनता को रोज भुगतना पड़ रहा है। बरेली में एक छत के नीचे बिजली, शिक्षा एवं अन्य सरकारी विभाग कब आयेंगे। इसका जनता को इंतजार है ।     


बरेली में मेट्रो रेल चलाने के लिए राइट्स की दोबारा बनी रिपोर्ट अभी प्रेजेन्टेशन के लिए ही पड़ी हुई है । मेट्रो डिपो के लिए 20 हेक्टेयर जमीन का पेंच अभी भी फंसा हुआ है। बरेली में रिंग रोड  परियोजना कछुआ गति से रेंग  रही है।  


सरकारी बिजली विभाग के बने हुए कार्यालयों वाली रामपुर बाग, कंपनी बाग, सर्किट हाउस के सामने अरबों खरबों रुपए की निष्प्रयोज्य जमीन पड़ी हुई है। कंपनी बाग पॉवर हाउस या रामपुर बाग की जमीन पर सर्वे कराकर शक्ति भवन की तर्ज पर बहुमंजिला भवन, भूमिगत पार्किंग के अलावा बहुमंजिला आवासीय टावर भी बनाने से एक छत के नीचे सभी बिजली कार्यालय आने से जनता को भी लाभ मिलेगा। 

साथ ही  करोड़ों रुपए की राजस्व बचत भी हो सकती है। इसी प्रकार कंपनी गार्डन  के सामने सरकारी शिक्षा विभाग के अधिकारी के कार्यालय, काष्ठकला स्कूल का पुराना कार्यालय, बेसिक शिक्षा के कई विभाग, सुभाषनगर आदि वाले कार्यालय, राजकीय इंटर कालेज में माध्यमिक शिक्षा परिषद का कार्यालय, मनोविज्ञान केंद्र का पुराना कार्यालय पुराने होने के बाद भी कीमती जमीन पर बने हैं। तथा उन कार्यालय में भी काफी निष्प्रयोज्य भूमि भी पड़ी हुई है। 


इसी के पास राजकीय संकेत मूक बधिर एवं बचपन के भी सरकारी आवासीय विद्यालय हैं। रोजगार कार्यालय भी सदर तहसील के सामने बड़े भूखण्ड को घेरकर सरकारी धन का केवल रंगाई पुताई में खर्च कर रहा है ।                                 

जनहित में बरेली विकास प्राधिकरण, नगर निगम, जिला परिषद के भवन भी एक ही परिसर में ही होना चाहिये । साथ ही तीनों सरकारी एजेंसियों की समन्वय समिति भी प्रदेश के हर जिले में बनाई जाए ताकि तीनों सरकारी एजेंसियां आपसी तालमेल से जिले का सुनियोजित विकास कर सके।                   

स्मरण रहे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने  बीते 1 अप्रैल 2025 को बरेली में समस्त सरकारी कार्यालय एक छत के नीचे लाने की बात कह कर अधिकारियों को निर्देश भी दिए थे। इस दिशा में अभी कोई पहल किसी भी सरकारी विभाग की ओर  से अभी नहीं हो पाई है ।                                  

स्मरण रहे बरेली जैसे स्मार्ट सिटी में कुछ स्मार्ट अधिकारी बिना ठोस योजना के केवल सरकारी धनराशि ठिकाने लगाने की ही जोड़ तोड़ में लगे रहते है। स्टेशन रोड पर बहुमंजिला दुकानें (बिना पार्किंग), डेलापीर का सरोवर, संजय हाल वाला  सरोवर, कथित फूड कोर्ट, संजय हाल एवं कंपनी बाग के बाहर में 15= 20 कार वाहन के लिए बना हाइड्रोलिक पार्किंग, लाइट एंड साउंड  शो कई बार बनने के बाद स्थान बदलता रहा है जो आज बनने के कई वर्षों बाद भी आज तक प्रारंभ नहीं हो सके हैं। अगर तहसील परिसर, जेल रोड, सब्जीमंडी कुतुबखाना सब्जी मंडी, श्यामगंज सब्जी मंडी, तिलक स्कूल, राजकीय इंटर कॉलेज के पास में अगर लख़नऊ के जनपथ, दिल्ली के कनॉट प्लेस की तर्ज पर अब खासकर दो पहिया वाहनों के लिए मल्टी स्टोरी पार्किंग और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स सरकारी या पीपी मोड़ में बन जाये तो जनता को काफी राहत मिल सकती है सरकार को राजस्व भी मिलेगा।                             

इसके अलावा किला रेल क्रॉसिंग पर वाई शेप में नया, डमरू चौक (डेलापीर) एवम सुभाषनगर में भी उपरगामी पुल बन जाने पर राहत मिलेगी। डेलापीर पर लगता है कि अब उपरिगामी पुल बनने की फ़ाइल भी कही दबी पड़ी होगी ।            

आज भी स्मार्ट सिटी में बिजली आपूर्ति में काफी झोल हैं। लगभग 15 से 20 घंट ही बिजली स्मार्ट सिटी को मिल रही है । वर्षा होते ही घंटों बिजली जाना आम बात हो गई है।                                                  
 इसी तरह पहले मंडल स्तर प्रदेश सूचना विभाग का कार्यालय, अत्याधुनिक कम्प्यूटर युक्त संकुल बने। जो प्रदेश के विकास कार्यों को आर्ट गैलरी के माध्यम से दर्शकों को दिखा सके।  सूचना विभाग का प्रदेश के विकास कार्य का साहित्य वितरण कर सके। साथ ही सूचना संकुल में पत्रकारों के लिए प्रेस क्लब, निशुल्क पुस्तकालय भी खोल दिए जाये ताकि युवाओं में पुस्तक/ समाचार पत्र पढ़ने की रुचि विकसित हो। ऐसे सूचना संकुल जिला स्तर पर भी क्रमबद्ध खोले  दिए जाए। इसके लिए नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया  ( nuji  ), यू पी इकाई,  लखनऊ के प्रदेश उपाध्यक्ष के नाते निर्भय सक्सेना  ने मुख्यमंत्री जी को मेल/पत्र भेजकर  काफी समय से इसकी मांग भी करते आ रहे है। निर्भय सक्सेना ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी मेरे जनहित के सुझावों पर ठोस कार्रवाई के संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की कृपा करेंगे।                                                
निर्भय सक्सेना स्वतंत्र पत्रकार                                                        

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