बरेली को आधुनिक, सुगम, कनेक्टेड एवं उद्योग- अनुकूल शहर’’ के रूप में विकसित करने को दिया सुझाव पत्र
बरेली रूबरू बरेली। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आई. आई. ए.), बरेली चैप्टर प्रतिनिधिमंडल ने चैप्टर चेयरमैन शेखर अग्रवाल के साथ बरेली के मंडल आयुक्त शंभू कुमार से शिष्टाचार भेंट की एवं जीरो प्वाइंट पर एलिवेटेड रोड, रजऊ औद्योगिक क्षेत्र का रोड सर्कुलेशन प्लान, ओडीओपी हेतु फ्लैटेड फैक्ट्री एवं ब्लॉक से तहसील तक इलेक्ट्रिक व्हीकल (ई वी) ट्रांसपोर्ट सहित कई सुझाव दिये गए।
कहा गया कि दिए गए सुझाव पत्र पर प्रशासन के सहयोग से इन प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही होने से ’’बरेली को एक आधुनिक, सुगम, कनेक्टेड एवं उद्योग- अनुकूल शहर’’ के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकेगा।
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आई. आई. ए.), प्रतिनिधिमंडल के चैप्टर चेयरमैन शेखर अग्रवाल ने भेंट के दौरान बरेली में तेजी से बढ़ते औद्योगीकरण, शहरी विस्तार, यातायात के बढ़ते दबाव तथा आने वाले अगले 20 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ’’औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना के विकास’’ से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
चैप्टर चेयरमैन शेखर अग्रवाल ने बरेली के ’’जीरो प्वाइंट’’ पर बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए एलिवेटेड रोड/फ्लाईओवर के निर्माण की आवश्यकता को प्रमुखता से रखा।
उन्होंने बताया कि शहर में लगातार बढ़ते वाहनों, औद्योगिक गतिविधियों एवं आसपास के क्षेत्रों से आने- जाने वाले भारी वाहनों के कारण यातायात का दबाव निरंतर बढ़ रहा है।
ऐसे में जीरो प्वाइंट पर एलिवेटेड रोड का निर्माण शहर के यातायात को सुचारु बनाने के साथ- साथ औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को भी बेहतर कर सकता है।
आई. आई. ए. द्वारा इस संबंध में विस्तृत सुझाव प्रतिवेदन मंडल आयुक्त शंभू कुमार को सौंपते हुए आवश्यक सर्वेक्षण, तकनीकी अध्ययन एवं संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आगे की कार्यवाही किए जाने का अनुरोध किया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने ’’रजऊ औद्योगिक क्षेत्र’’ के सुनियोजित विकास के लिए लेआउट एवं रोड सर्कुलेशन प्लान तैयार करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
आई. आई. ए. ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार एवं भविष्य में नए उद्योगों की स्थापना को देखते हुए सड़क नेटवर्क, प्रवेश एवं निकास व्यवस्था, भारी वाहनों की आवाजाही तथा आंतरिक यातायात को अभी से व्यवस्थित किया जाना आवश्यक है।
इससे उद्योगों के संचालन में सुविधा के साथ-साथ भविष्य में यातायात संबंधी समस्याओं से भी बचा जा सकेगा।
भेंट वार्ता में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ’’इलेक्ट्रिक वाहन (इ वी) आधारित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था’’ विकसित करने का महत्वपूर्ण सुझाव भी रखा गया।
आई. आई. ए. ने बताया कि हाईवे एवं प्रमुख परिवहन मार्गों से दूर स्थित गांवों में रहने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को ब्लॉक एवं तहसील स्तर तक आवागमन में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे क्षेत्रों में ब्लॉक से तहसील तक म्ट आधारित नियमित परिवहन सेवा शुरू किए जाने से ग्रामीण युवाओं, विद्यार्थियों एवं औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों को विशेष लाभ मिल सकता है। साथ ही इससे प्रदूषण में कमी एवं हरित परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने एक जिला एक उत्पाद योजना के स्थानीय उत्पादों एवं छोटे उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए बरेली में ’’फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स’’ विकसित किए जाने का प्रस्ताव भी रखा।
आई. आई. ए. ने सुझाव दिया कि अच्छी लोकेशन को देखते हुए माधोवाड़ी अथवा नरकुलागंज क्षेत्र में इस प्रकार की सुविधा विकसित करने पर विचार किया जा सकता है।
फ्लैटेड फैक्ट्री में छोटे उद्यमियों एवं स्टार्टअप्स को कम लागत पर तैयार औद्योगिक स्थान, साझा सुविधाएं तथा आवश्यक आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे नए उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने में सुविधा मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
भेंटवार्ता में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आई वी आर आई) की विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए सेंटर एक्सीलेंस विकसित करने का सुझाव भी दिया गया।
आई. आई. ए. ने प्रस्ताव रखा कि उत्तर प्रदेश सरकार की देखरेख एवं सहयोग से आई वी आर आई की विशेषज्ञता को एक औद्योगिक एवं अनुसंधान हब के रूप में विकसित किया जा सकता है, जहां ’’वेटरनरी मेडिसिन एवं संबंधित उत्पादों के निर्माण, अनुसंधान, प्रशिक्षण और स्टार्टअप विकास’’ को बढ़ावा दिया जाए।
इससे बरेली एवं आसपास के क्षेत्रों में युवा उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा होने के साथ- साथ पशु चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों में निवेश एवं रोजगार को भी बढ़ावा मिल सकता है।
आई. आई. ए. प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बरेली में औद्योगिक विकास की अपार संभावनाएं हैं। इसके लिए औद्योगिक क्षेत्रों को शहर, हाईवे, मंडी, लॉजिस्टिक्स हब एवं आसपास के जिलों से बेहतर तरीके से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।
प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर जोर दिया कि ’’बेहतर सड़क, यातायात, सार्वजनिक परिवहन एवं औद्योगिक कनेक्टिविटी’’ केवल उद्योगों के लिए ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों, विद्यार्थियों एवं रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
चैप्टर चेयरमैन शेखर अग्रवाल ने कहा कि बरेली के औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए आई.आई.ए. शासन- प्रशासन के साथ निरंतर संवाद एवं समन्वय के माध्यम से कार्य करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि आज रखे गए सुझाव केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ’’बरेली के अगले 20 वर्षों के सुनियोजित एवं टिकाऊ विकास’’ को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने मंडल आयुक्त शंभू कुमार से अनुरोध किया कि प्रस्तावित विषयों पर संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर आवश्यक सर्वेक्षण एवं व्यवहार्यता का अध्ययन कराते हुए इन्हें शासन स्तर तक प्रभावी रूप से भेजने की पहल की जाए।
आई. आई. ए. प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन के सहयोग से इन सुझावों पर सकारात्मक कार्यवाही होने से ’’बरेली को एक आधुनिक, सुगम, कनेक्टेड एवं उद्योग- अनुकूल शहर’’ के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकेगा।प्रतिनिधिमंडल में चैप्टर सचिव धनंजय विक्रम सिंह, आशीष गुप्ता, विमल रिवाड़ी, मयूर धीरवानी एवं अभिनव कटरू उपस्थित रहे।
निर्भय सक्सेना
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