-->
बरेली में शिवभक्तों को 6 अप्रैल को सोमनाथ महादेव के खंडित अवशेष के दर्शन होंगे। आर्ट आफ लिविंग करायेगा एक हजार वर्ष पुराने 2 अवशेष का दर्शन

बरेली में शिवभक्तों को 6 अप्रैल को सोमनाथ महादेव के खंडित अवशेष के दर्शन होंगे। आर्ट आफ लिविंग करायेगा एक हजार वर्ष पुराने 2 अवशेष का दर्शन


बरेली रूबरू बरेली। बरेली में शिवभक्तों को 6 अप्रैल को सोमनाथ महादेव के 1 हजार वर्ष पुराने खंडित हुए अवशेष के दर्शन बाबा त्रिवटी मंदिर में होंगे। जिसे एक यात्रा के रूप में स्वामी भव्यतेज जी लेकर आ रहे हैं । 


आर्ट ऑफ लिविंग की कॉर्डिनेटर श्वेता कुनार, पार्थो कुनार, रीना अग्रवाल, नवीन गोयल ने बताया कि शंकराचार्य की भविष्यवाणी के अनुरूप गत वर्ष तमिलनाड के पुजारियों ने सोमनाथ मंदिर के यह प्राचीन शिवलिंग अवशेष दुनिया के जाने माने आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर को सौंपे थे । 


अब श्री श्री रविशंकर के ही आदेश पर उनकी संस्था आर्ट आफ लिविंग इस प्राचीन शिवलिंग के अवशेषों को लेकर एक देश भर में यात्रा निकाल रही है। यह यात्रा सोमवार छह अप्रैल को बरेली पहुंचेगी। 

यहां त्रिबटी नाथ मंदिर प्रांगण में श्रद्धालु इसके दर्शन कर सकते हैं। स्मरण रहे गुजरात में सोमनाथ मंदिर को 1026 ईसवीं में एक हजार साल पहले महमूद गजनवी ने ध्वस्त कर दिया था। 

इसी सोमनाथ मंदिर में बना भगवान शिव का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। महमूद गजनवी ने सोमनाथ में भगवान महादेव के पवित्र शिवलिंग को भी खंडित किया था। बताते हैं एक हजार साल तक शिवलिंग के अवशेषों को तमिलनाडु के अग्निहोत्री पुजारियों ने गुप्त रूप से छिपाकर रखा तथा अवशेषों की पूजा अर्चना करते रहे। 


कांची के शंकराचार्य की भविष्यवाणी के अनुरूप गत वर्ष 2025 में शिवरात्रि पर पुजारियों ने यह प्राचीन शिवलिंग अवशेष दुनिया के जाने माने आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जी को सौंपे थे।

उनके ही आदेश पर उनकी संस्था आर्ट आफ लिविंग इस प्राचीन शिवलिंग के अवशेषों को लेकर एक विशाल यात्रा निकाल रही है। जो पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु होकर यू पी में झांसी, कानपुर आगरा, मेरठ,, मुरादाबाद होकर बरेली आएगी। उस दिन गजरौला होकर दिल्ली जाएगी।


आर्ट आफ लिविंग के नेशनल मीडिया कोर्डिनेटर पार्थो कुनार ने बताया कि इस आयोजन में आध्यात्म, इतिहास और हमारी प्राचीन संस्कृति का समावेश है। 


अब से ठीक एक हजार साल पहले 1026 ईसवीं में आक्रमणकारी महमूद गजनवी ने सोमनाथ के पवित्र मंदिर को ध्वस्त कर दिया था, लेकिन आस्थावानों ने अपने हौसलों से धर्मपताका को उठाये रखा। 


पवित्र शिवलिंग के अवशेष अग्निहोत्री पुजारियों ने 900 साल तक संभालकर रखे। गुप्त रूप से सुरक्षित कर पूजा अर्चना करते रहे, पीढ़ी दर पीढ़ी, इस शिवलिंग के अवशेष संरक्षित होते रहे। 1925 में कांची के शंकराचार्य जी ने भविष्यवाणी की कि इन अवशेषों को उचित समय पर ऐसे योग्य आध्यात्मिक नेतृत्व को सौंपा याजेगा जिनके नाम में ही शंकर होंगे। 


जनवरी 2025 में परंपरा के अंतिम संरक्षक सीताराम शास्त्री ने महाशिवरात्रि के अवसर पर दुनिया के जाने माने आध्यात्मिक संत गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी को यह अवशेष प्रदान किये।


श्री कुनार ने बताया कि आर्ट आफ लिविंग इन्हीं अवशेषों के साथ देश में एक यात्रा निकाल रही है। जिससे देशवासी दर्शन कर सकें। यहां सिर्फ शिवलिंग के दर्शन ही नहीं हैं, यह प्राचीन शिवलिंग आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत है और हमारे बने बिगड़े इतिहास की जीवंत निशानी भी है। 


बृजवासी जी, गोपाल सरण, अमित नारनौली, अशोक भसीन, ने सभी श्रद्धालुओं से भगवान सोमनाथ के प्राचीन स्वरुप के दर्शन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमारी नाथ नगरी में भगवान सोमनाथ महादेव के दर्शनों का ऐसा ऐतिहासिक व पवित्र अवसर दोबारा नहीं मिलेगा। निर्भय सक्सेना

0 Response to "बरेली में शिवभक्तों को 6 अप्रैल को सोमनाथ महादेव के खंडित अवशेष के दर्शन होंगे। आर्ट आफ लिविंग करायेगा एक हजार वर्ष पुराने 2 अवशेष का दर्शन"

एक टिप्पणी भेजें

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article