-->
Bareilly News: गंगोत्री से चली जल कलश यात्रा आई बरेली, स्वागत के बाद हुई आरती।

Bareilly News: गंगोत्री से चली जल कलश यात्रा आई बरेली, स्वागत के बाद हुई आरती।


बरेली रूबरू बरेली। गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद मुख्य रावल शिव प्रकाश का मंगलवार को बरेली पहुंचने पर स्वागत-अभिनंदन किया गया।

गांधी नगर में गंगोत्री से जल कलश लेकर काठमांडू जाते समय कुछ देर के लिए प्रकाश रावल बरेली में हर वर्ष की भांति सुशील मित्तल के निवास पर रुके थे। 
बरेली वासियों ने गंगोत्री जल कलश की आरती कर उसे मत्था टेक कर आशीर्वाद भी लिया । गंगोत्री धाम के मुख्य रावल गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद परंपरा के अनुसार गंगोत्री का जल चढाने के लिए लखनऊ, गोरखपुर के रास्ते सड़क मार्ग से काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर जाते हैं। 


इसी के अनुरूप वह इस बार भी गंगोत्री का जल कलश लेकर सड़क मार्ग से काठमांडू के लिए निकले हैं। इस यात्रा के दौरान वह मंगलवार 28 अक्टूबर 2025 को वह कुछ देर के लिए गांधीनगर में सुशील मित्तल के निवास पर रुके। 

इस अवसर पर बीजेपी नेता अनिल कुमार एडवोकेट, विधायक संजीव अग्रवाल, अर्बन कॉपरेटिव बैंक चेयरमैन श्रुति गंगवार, अधीर सक्सेना, गुलशन आनंद, आनंद पार्षद सतीश कातिव, , फनसिटी के अनिल अग्रवाल, श्रीमती अमिता अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, विनोद पगरानी, कमल चतुर्वेदी, सुरेन्द्र बीनू सिन्हा, प्रकाश सक्सेना, निर्भय सक्सेना, विष्णु अग्रवाल, केशव मित्तल आदि ने उनका स्वागत किया। 


इस दौरान उन्हें निर्भय सक्सेना की पुस्तक 'कलम बरेली की 5' भेंट की गयी। कुछ देर विश्राम करने करके वह लखनऊ होकर गोरखपुर काठमाण्डु यात्रा को निकल गए। शिव प्रकाश रावल अब नवंबर में भगवान पशुपतिनाथ पर गंगोत्री का पवित्र जल अर्पित करेंगे। 


शिव प्रकाश रावल ने बताया कि देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी के प्रयास से पूरे देश में धर्म पताका फहराई जा रही है। हिंदू समाज की एकता से देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कारण हिंदुओं का सम्मान भी बढ़ा है । विश्व में भारत की साख बढ़ी है।
निर्भय सक्सेना

0 Response to "Bareilly News: गंगोत्री से चली जल कलश यात्रा आई बरेली, स्वागत के बाद हुई आरती।"

एक टिप्पणी भेजें

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article