लखनऊ की वन्दना वर्मा, बदायूं की मेघा, काशीपुर की चंद्रावती दीदी और डॉ. गीता चौहान सहित कई को मिला नारी सम्मान
बरेली रूबरू बरेली। मानव सेवा क्लब और भारतीय पत्रकारिता संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में सीमा सावित्री नारी सम्मान समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर उदघाटन अतिथियों द्वारा किया गया।
रोटरी भवन में नारी उत्थान पर अपना वक्तव्य देते हुए मुख्य वक्ता काशीपुर से पधारी ब्रह्मकुमारी चन्द्रावती दीदी ने कहा कि नारी सृष्टि की अनुपम कृति है इससे ही सारा संसार है पुरुषों को नारी का सम्मान करना चाहिए। इससे स्वस्थ राष्ट्र और समाज का निर्माण होता है।
लखनऊ की कवयित्री वंदना वर्मा और बदायूं की कवयित्री डॉ. मेघा अग्रवाल को सीमा स्मृति साहित्य सम्मान दिया गया। सावित्री सक्सेना साहित्य सम्मान आई. वी. आर. आई.की वैज्ञानिक और साहित्यकार डॉ.गीता चौहान को दिया गया।
नारी का सर्वोच्च सम्मान काशीपुर से पधारी ब्रह्मकुमारी चंद्रावती दीदी को दिया गया। विविध संवाद पत्रिका के नारी विशेषांक का विमोचन सुरेन्द्र बीनू सिन्हा,रमेश गौतम सहित कई अतिथियों ने किया। पत्रिका के चालीस रचनाकारों को स्मृति- चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
मां शारदे की वंदना मधु वर्मा ने की। क्लब का आव्हान गीत प्रकाश चंद्र सक्सेना, अरुणा सिन्हा ने प्रस्तुत किया।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डा, अतुल कुमार वर्मा, निर्भय सक्सेना, अरुणा सिन्हा, प्रकाश सक्सेना, कल्पना सक्सेना, संजय सक्सेना, अभय भटनागर, सत्येंद्र सक्सेना, जितेंद्र सक्सेना, मीता गुप्ता, रश्मि सक्सेना, शकुन सक्सेना, सुनील शर्मा, मुकेश सक्सेना, शोभा सक्सेना, रणधीर प्रसाद गौड़, राजेश सक्सेना, अनिल सक्सेना, रोहित राकेश, इंदर देव त्रिवेदी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। निर्भय सक्सेना
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