Bareilly news: प्रेम मानव ह्रदय की सबसे उद्दात भावना
बरेली रूबरू बरेली। अखिल भारतीय साहित्य परिषद ब्रज प्रांत के तत्वावधान में "साहित्य में मानव प्रेम अवधारणा" विधायक गोष्ठी हुई। जिसमें खा गया कि प्रेम मानव ह्रदय की सबसे उद्दात भावना है
साहित्यकार श्रीमती निरुपमा अग्रवाल के प्रभात नगर, स्थित आवास कार्यक्रम का शुभारम्भ विमलेश चन्द्र दीक्षित द्वारा प्रस्तुत माँ सरस्वती की वंदना से हुआ I
गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश बाबू मिश्रा ने कहा कि प्रेम मानव ह्रदय की सबसे उद्दात भावना है I
यह शाश्वत और चिरंतन है । वर्तमान समय में युद्ध से जूझ रहे विश्व को मानव प्रेम की भावना की नितांत अवश्यकता है I जिससे मानवता को युद्ध की विभीषिका से बचाया जा सके ।
मीडिया प्रभारी कुलदीप वर्मा ने कहा कि प्रेम के विविध रूप होते हैं इनमे मानव प्रेम सबसे श्रेष्ठ है I गोष्ठी में उपस्थित साहित्यकारों ने अपनी अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को मानव प्रेम की भावना से ओत प्रोत कर दिया I
कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार सतीश नारायण सत्या एवं संचालन प्रोफेसर विनीता सिंह द्वारा किया गया ।
इस अवसर डॉ विमलेश चन्द्र दीक्षित, निरुपमा अग्रवाल, एस के कपूर, उमेश त्रिगुणायत अद्भुत, राम कुमार भारद्वाज अफरोज, प्रोफेसर विनीता सिंह, सत्यवती सिंह सत्या, रितेश कुमार साहनी, डॉ रवि प्रकाश शर्मा एवं रमेश रंजन तथा आयुष्मान सिसोदिया ने काव्यपाठ कर बाहबाही लूटी ।
कार्यक्रम के अंत में निरुपमा अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया I निर्भय सक्सेना
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