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अयोध्या: राम मंदिर निर्माण के लिए 'गुलाबी पत्थर' खनन पर रोक से समस्या !

अयोध्या: राम मंदिर निर्माण के लिए 'गुलाबी पत्थर' खनन पर रोक से समस्या !

अयोध्या: राम मंदिर निर्माण के लिए 'गुलाबी पत्थर' खनन पर रोक से समस्या !  

अयोध्या: में रामलला के मंदिर निर्माण में और गति देने के लिए विगत दिनों प्रयागराज के ग्लोबल स्कूल में हुई राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ बैठक में ट्रस्ट महामंत्री चम्पत राय से विचार मंथन कर चुका है। राजस्थान में कांग्रेस की गहलोत सरकार अब भरतपुर के पहाड़पुर एरिया से मंदिर निर्माण में लगने वाले गुलाबी पत्थर के खनन पर लगी रोक हटाने केअब मूड में लग रही है। इसके लिए राजस्थान की सरकार भी केंद्र सरकार से भी भरतपुर अभयारण्य में वन जीव अधिनियम में कुछ छूट देने की भी मांग कर रही है। ताकि भरतपुर में मंदिर निर्माण के लिए नियमानुसार गुलाबी पत्थर का खनन निर्वाध गति से हो सके। मंदिर ट्रस्ट की और से कहा गया है कि आगामी 15 जनवरी 2021 से 27 फरवरी तक देश भर के 4 लाख गांवो में जाकर 11 करोड़ लोगों से संपर्क कर कूपन के माध्यम से 10 रुपये से लेकर 100 रुपये की धनराशि एकत्र करने की योजना है। स्मरण रहे रामलला परिसर 492 साल लगभग 11 हजार दीपो से जगमग हुआ था। जिसमे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी एवम राज्यपाल आनंदी बेन ने पूजा अर्चना के बाद सरयू आरती भी की थी। इस 13 नवम्बर 2020 को हुए एक दिवसीय चौथे भव्य दीपोत्सव पर्व पर देश विदेश के रामभक्तो ने  अपने घर बैठे अपना एक *'डिजिटल दिया'* अयोध्या के रामलला मंदिर में जलाया एवम कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा था। रामलला परिसर में कई सौ साल बाद अन्नकूट का प्रसाद भी इस बार रामभक्तो ने ग्रहण किया था। 14 कोसी परिक्रमा भी शुरू हो गई। अयोध्या में हवाई अड्डे के नाम मर्यादा पुरुषोत्तम राम के नाम पर होगा।                        अयोध्या में सरयू नदी के तट पर राम की पेड़ी, नया घाट  पर इस बार फिर चौथे दीपोत्सव कार्यक्रम में 13 नवम्बर को 6 लाख 06 हजार 569  दीप जगमग हुए जो विश्व रिकार्ड बना। जिसमे सरयू के 24 घाट पर लगभग 10 हजार अवध विश्व विद्यालय के निर्देशन में वालंटियर भी लगे थे । दीपोत्सव 13 नवम्बर 2020 कार्यक्रम की गिनीज बुक ने 3 ड्रोन कैमरों से मेपिंग की थी और अब यह रिकार्ड में भी दर्ज होगा। कोविड 19 के चलते भीड़ नही हो इसलिए इसका सीधा प्रसारण भी हुआ। दीप कार्यक्रम सोशल मीडिया पर लाखो लोगो ने देखा ।                  
 उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, पर्यटन मंत्री नील कंठ तिवारी, मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों के अलावा प्रदेश के आला अधिकारियों ने चौथे दीपोत्सव का आनंद लिया । 13 नवम्बर को मुख्यमंत्री योगी जी  एवम राज्यपाल आनंदी बेन ने रामकथा पार्क में पुष्पक विमान से आये राम सीता के स्वरूप की आरती भी की।          सर्वोच्च अदालत के रामलला के पक्ष में निर्णय आने के बाद यह पहला एक दिवसीय दीपोत्सव कार्यक्रम था। जिसे इस बार भव्य बनाया गया जिसमें डिजिटल आतिशबाजी एवम 14 मिनट कलेजर शो भी हुआ । लगभग 492 साल बाद कार्तिक पूर्णिमा की पूर्व बेला पर  अयोध्या के राम मंदिर  परिसर में इस बार 11 हजार दिये जगमग हुए। कोविड 19 नियम का पालन कर लोक कलाकार के नर्तक दल के कलाकार भी साकेत विद्यालय से रामकथा पार्क तक निकले और अपनी राम से संबंधित नृत्य नाटिका कार्यक्रम की प्रस्तुति दी थी। इस अवसर पर डाक विभाग एक डाक कवर भी जारी किया गया था। स्मरण रहे 9 नवम्बर 2019 को सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को आए भी अब 1 वर्ष से अधिक हो गया है।                             अयोध्या को विश्व पटल पर धार्मिक पर्यटन के मद्देनजर 'धूमकेतु' की तरह वैदिक रामायण सिटी अंकित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवम यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की सरकार जुटी है। इसके लिए राम सर्किट भी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी जी ने 2017 में अयोध्या में  दीपोत्सव कार्यक्रम शुरू कराया था। इस बार भी एक दिवसीय चौथा दीपोत्सव भी रोशनी से नहा गया। मुख्य कार्यक्रम में राम मनोहर लोहिया अवध विश्विद्यालय की जिम्मेदारी में होने वाले दीपोत्सव में मंच के पास थ्रीडी पैटर्न पर चित्रण कर पुष्पक विमान उतारने का भी आभास हुआ। गिनीज बुक रिकार्ड के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई गई  कि पर्यावरण अनुकूल गोवर एवम मिट्टी के बने दिए लगभग पोंन घंटे तक जगमग होते रहे। सरयू तट पर प्रवेश केवल पास धारको को ही मिला                                                     राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष निर्पेंनदर मिश्र ने भी गत दिनों रामलला परिसर का दौरा कर लार्सन टुब्रो कंपनी द्वारा निर्माणाधीन टेस्ट पिलर पर भार की टेस्टिंग प्रक्रिया की जानकारी चैन्नई एम रुड़की आई आई टी के भवन विशेषज्ञ से ली। लार्सन कंपनी ने 1200 कंक्रीट पिलर के लिए 2 प्लांट भी मंदिर परिसर मे लगाए है। टाटा कंस्ट्रक्शन कंपनी भी अब 2.7 एकड़ यानी  57 हजार 400 वर्ग फिट भूभाग पर बन रहे मंदिर निर्माण में तकनीकी सहयोग कर रही है। राम मंदिर की लंबाई 260 फिट, चौड़ाई 235 फिट, ऊंचाई 161 फिट होगी। 5 गुम्बद का यह मंदिर नागर शैली में बनेगा इसमे भू ताल पर 107 स्तम्भ, प्रथम तल पर 132 और दूसरे तल पर 74 स्तम्भ होंगे। मंदिर का पूरा परिसर 70 एकड़ में होगा। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने लोगो से इसके सुझाव भी मांगे है। राममंदिर को हजारो साल तक की मजबूती एवम भव्य रूप  देने के लिए विशेषग्य टीम लगी है।      अयोध्या में सुरक्षा में लगी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने अपनी 63 वीं वटालियन के लिए चांदपुर हरवंश में 7 करोड़ 71 लाख में 10 हेक्टेयर जमीन खरीद भी ली है। अब रैपिड एक्शन फोर्स ( आर ए एफ) भी अब 33 एकड़ जमीन खरीद करने जा रहा है जिसकी प्रक्रिया चल रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रीन एवम सोलर सिटी बनाने के लिए योजनाओ पर काम शुरू कर दिया है। यहां क्रूज पर सरयू में रामनगरी से गुप्तार घाट तक घुमाने एवम आरती दिखाने की भी योजना पर काम चल रहा है जिसके लिए नर्दीक क्रूज कंपनी को अब मुख्यमंत्री की हरी झंडी का इन्तजार है। पिछले दिनों इसका प्रजेंटेशन भी यू पी के पर्यटन विभाग एवम सरकार के अधिकारियों के समक्ष किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्दर मोदी जी ने गुजरात मे सरदार वल्लभभाई पटेल को नमन करने के बाद 'सी प्लेन' को देश को समर्पित किया। उन्होंने गुजरात के केवडिया से अहमदाबाद तक 15 सीट बाले सी प्लेन में सफर भी किया। कहा जा रहा है कि सी प्लेन की इस योजना को धार्मिक पर्यटन से भी जोड़ा जा सकता है। आगामी वर्षो में सी हवाई सेवा भी जल्द शुरू होगी।  मुख्यमंत्री जी ने कहा है अयोध्या अब वैदिक सिटी होगा यहां के हवाई अड्डे के नाम भी मर्यादा पुरुषोत्तम राम के नाम पर होगा। लगभग 500 साल बाद इस बार रामलला परिसर में अन्नकूट का भी प्रसाद राम भक्तो ने पाया था।  कोविड 19 के नियम का पालन कर 
14 कोसी परिक्रमा भी शुरू हुई।   
                        
निर्भय सक्सेना की रिपोर्ट

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