खुशलोक अस्पताल की लापरवाही आई सामने रुपए लेने के बाद भी नहीं किया को रोना संक्रमित दंपत्ति को भर्ती
बरेली। कोरोना कि वैश्विक महामारी को मद्देनजर रखते हुए उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ विभाग को दिशा निर्देश दिया है कि किसी भी मरीज को किसी भी तरह की दिक्कत तो का सामना ना करना पड़े और उनकी रिपोर्ट का कभी ध्यान रखा जाए । बुधवार रात को राजेंद्र नगर निवासी एक दंपति समाजसेवी अमित भारद्वाज और उनके धर्मपत्नी डॉली भारद्वाज की कोरोना जांच की रिपोर्ट आई जिसमें उनके संक्रमित होने की पुष्टि हुई जिसके बाद उन्होंने निर्णय लिया कि वह नजदीकी अस्पताल में रह कर के अपना इलाज करवाएंगे , उन्होंने मॉडल टाउन खुशलोक हॉस्पिटल में भर्ती होकर इलाज करवाने का फैसला लिया , समाजसेवी अमित भारद्वाज ने जानकारी देते हुए बताया पहले अस्पताल वालों ने ₹90000 जमा करा लिए परंतु किसी भी प्रकार से उनको ट्रीटमेंट नहीं दिया गया । हंगामा करने के बाद शहर विधायक डॉ अरुण कुमार की सिफारिश पर उनका पैसा वापस किया गया लेकिन परेशानी थी कि वह जाए तो जाए कहां , अमित भारद्वाज ने बताया कि वह बारादरी थाने गए लेकिन बारादरी थाने में अस्पताल के खिलाफ मुकदमा सुबह तक दर्ज करने की बात को कहकर टाल दिया गया। उसके बाद मजबूरन पीड़ित अपने घर पहुंच गए जब इस मामले की जानकारी लेने के लिए एसएचओ बारादरी थाने को फोन किया गया तो उन्होंने अभी पूछ कर बताता हूं कह कर के फोन काट दिया , जब मीडिया कर्मी वहां पहुंचे तो एसएचओ बारादरी के ड्राइवर ने बताया कि साहब आराम कर रहे हैं सुबह 5:00 बजे उनकी की ड्यूटी है उन्हें ड्यूटी पर भी जाना है , इसलिए जो भी जानकारी मिलेगी वह सुभा ही प्राप्त हो पाएगी ।
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