बरेली में ई रिक्शा चार्जिंग स्टेशन पर चला बुलडोजर, मौलाना तौकीर के करीबियों की संपत्तियां हुई सील।
वरिष्ठ पत्रकार निर्भय सक्सेना
बरेली रूबरू बरेली। बरेली में हिंसक उपद्रव के मास्टरमाइंड । इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल आईएमसी ( आईएमसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां और उनके नजदीकी लोगों पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है।
पुलिस ने अब तक उपद्रव प्रकरण में कुल 72 लोगों की गिरफ्तारी की है। अब मंगलवार को ई रिक्शा चार्जिग स्टेशन पर बुलडोजर की कार्रवाई भी शुरू हो गई। मौलाना तौकीर के करीबियों की दुकानों को सील किया गया है ।
बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने जनता से कहा कि वह अमन चैन रखे कायम और अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने बाजार भ्रमण कर संवाद भी किया। उपद्रव के बाद से ही बरेली पुलिस और प्रशासनिक अमला लगातार सतर्क है। संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च और पैदल गश्त की जा रही है।
मंगलवार को थाना प्रेमनगर स्थित बानखाना क्षेत्र में उमाम खान की दुकान को बी डी ए द्वारा सील किया और एक ई रिक्शा चार्जिंग स्टेशन को टीम द्वारा ध्वस्त किया गया।
इस मौके पर एस डी एम सदर, तहसीलदार, सिटी मजिस्ट्रेट, सी ओ प्रथम, प्रेम नगर पुलिस, पैरा मिलिट्री मौजूद रही।
स्मरण रहे बरेली जिले में हाल ही में हुये घटनाक्रम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने स्पष्ट किया है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति पर कोई कार्यवाही नहीं की जाएगी लेकिन जो लोग माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बरेली जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि “बरेली की फिजा को किसी भी हाल में खराब नहीं होने दिया जाएगा। जनपद के नागरिक संयम रखें, कानून का पालन करें और किसी अफवाह या भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें।”
उन्होंने कहा कि "सरकार की नीति स्पष्ट है- अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और निर्दोष को छुआ भी नहीं जाएगा।"
जिलाधिकारी सिंह ने दो टूक कहा कि शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को खराब करने वालो को बक्शा नहीं जायेगा।
कुछ असामाजिक तत्व लगातार माहौल को खराब करने की साजिश कर रहे हैं, विशेष रूप से नाबालिग बच्चों को बरगलाकर उन्हें पत्थर, असलाह और हथियार थमाने का प्रयास किया गया है, जिसे प्रशासन गंभीरता से ले रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है, जो पर्दे के पीछे से बच्चों को उकसाते हैं और खुद सुरक्षित रहते हैं। अब ऐसे किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा।
कुछ इलाकों में हुई कार्रवाई पर जिलाधिकारी सिंह ने स्पष्ट किया कि जो भी गिरफ्तारियां हो रही हैं, अवैध निर्माण चिन्हित और सील किये जा रहे हैं। वह वीडियो फुटेज, डिजिटल सबूत और पुख्ता जांच के आधार पर ही की जा रही हैं। किसी को केवल शक के आधार पर नहीं उठाया जा रहा।
पूरी प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता बरती जा रही है। यदि किसी व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उससे केवल पूछताछ की जाएगी, लेकिन साक्ष्य के बिना किसी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही नहीं होगी।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बरेली की जनता से शांति और सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जनपद में अमन और सौहार्द की मिसाल रही है। आज भी आवश्यकता है कि हम सब मिलकर ऐसे तत्वों को नाकाम करें जो हमारी एकता को तोड़ना चाहते हैं और सौहार्द के वातावरण का बिगाड़ना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी को कोई गलत सूचना मिले या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो सीधे प्रशासन या पुलिस को सूचित करें, न कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाएं। स्मरण रहे बरेली में सोमवार को फाइक एनक्लेव, जगतपुर और पुराने शहर के इलाकों में बरेली विकास प्राधिकरण और प्रशासन की संयुक्त टीम ने फरहत, मोहम्मद आरिफ व अन्य के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी में आठ अवैध संपत्तियों की सील की थी।
नावल्टी चौराहे के समीप मजार से लगी निगम की जमीन पर बनी दुकानों को भी सील किया गया था।
बीते 26 सितंबर को जुमे की नमाज़ के बाद बरेली शहर में भड़के हिंसक उपद्रव के मामले में पुलिस-प्रशासन लगातार सख्ती से कार्रवाई कर रहा है। इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल आईएमसी (आईएमसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रज़ा खान पर आरोप है कि नमाज़ के बाद भीड़ को भड़काकर हालात को हिंसक दंगे की ओर उन्होंने मोड़ा था।
इस दौरान बाहर से आए उपद्रवियों ने बच्चों को आगे कर पुलिस पर पथराव और एसिड की बोतलों से हमला किया था, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। प्रशासन और पुलिस ने लाठी चार्ज कर हालात को काबू में किया था।
दंगे की साजिश और उपद्रव के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिभिन्न थाने में 10 एफ आई आर दर्ज की थीं। इन्हीं मुकदमों की विवेचना एवं सी सी टी वी फुटेज में लगातार उपद्रवियों के चेहरे सामने आ रहे हैं।
पुलिस ने मौलाना तौकीर रज़ा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, वहीं अन्य आरोपियों की धरपकड़ भी तेज़ी से जारी है। मंगलवार को कोतवाली और बारादरी पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए कुल 17 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इनमें 14 अभियुक्त थाना कोतवाली पुलिस ने और 3 अभियुक्त थाना बारादरी पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं।
थाना कोतवाली पुलिस ने थाना कोतवाली पर पंजीकृत मुकदमा में कार्रवाई करते हुए 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इन सभी आरोपियों पर पुलिस पार्टी पर हमले, दंगे की साजिश और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के गंभीर आरोप हैं।
थाना बारादरी पुलिस ने अलग से कार्रवाई करते हुए 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनमें सबसे अहम नाम 60 वर्षीय शमशाद पुत्र मोहम्मद निसार, निवासी ग्राम वाहनपुर थाना फरीदपुर का है। शमशाद इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल का जिला अध्यक्ष है और पुलिस जांच में सामने आया है कि वह उपद्रव की पूरी योजना में सक्रिय भूमिका में था।
इसके अलावा पुलिस ने एक किशोर को भी नामज़द किया है जो हजियापुर का रहने वाला है। बताया जाता है कि नाबालिग आरोपी को आई एम सी नगर अध्यक्ष एवं सभासद अनीसने उकसाया था। किशोर ने उपद्रवियों की भीड़ में शामिल होकर पुलिस पार्टी पर ईंट-पत्थर और एसिड की बोतल से हमला किया था।
तीसरा आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है।
उपद्रव के बाद से ही बरेली पुलिस और प्रशासनिक अमला लगातार सतर्क है। संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च और पैदल गश्त की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दंगे में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
अभी और भी नामजद तथा अज्ञात आरोपियों की तलाश जारी है।अब तक कुल 72लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। एस पी सिटी मानुष पारीक ने कहा की उपद्रव भड़काने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे। निर्भय सक्सेना
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