Bareilly News: एम जे पी रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मेधावियों को गोल्ड मेडल देकर किया सम्मानित।
विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट की पुस्तिका का किया गया विमोचन।
राज्यपाल (झारखण्ड) संतोष गंगवार लाइफ टाइम अचिवमेंट अवार्ड-2025 से हुए सम्मानित।
बरेली । महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल/कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने दीक्षांत उद्बोधन में कहा कि यह संतोष का विषय है कि हमारी बेटियां शिक्षा और अनुसंधान में प्रगति कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक 35 दीक्षांत समारोह में वह सम्मिलित हुई हैं और हर स्थान पर बेटियों को आगे पाया है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा राज्यपाल (झारखण्ड) संतोष कुमार गंगवार को लाइफ टाइम अचिवमेंट अवार्ड-2025 से सम्मानित किया गया।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा प्रो एस. बी. सिंह सभागार का उद्घाटन किया गया। इस दौरान प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी एवं कुलपति प्रोफेसर के पी सिंह उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से बरेली जनपद के कस्तूरबा गांधी विद्यालय के बच्चियों राजदा बी, उपासनी, अंजली शर्मा, अम्बिका कुमारी एवं निकिता का एच पी वी का टीकाकरण किया गया तथा उन्हें पोषण पोटली प्रदान की गयी।
अटल सभागार में विश्व विद्यालय के 23वाँ दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति/राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल ने स्वर्ण जयंती द्वार, योग वाटिका एवं बहुउद्देशीय स्पोर्ट्स स्टेडियम आदि का वर्चुअल रूप से उद्घाटन किया तथा विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट की पुस्तिका, स्पोट्स कम्पेडियम व विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए विद्यालयों के बच्चों के मध्य हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं की रचनाओं की पुस्तिका का विमोचन भी किया।
प्रतियोगिताओं के विजेता तीन बच्चों को स्कूल बैग/प्रमाण पत्र आदि देकर सम्मानित किया गया तथा पुस्तकें भी प्रदान की गयी।
विश्वविद्यालय द्वारा राज्यपाल (झारखण्ड) संतोष कुमार गंगवार को लाइफ टाइम अचिवमेंट अवार्ड-2025 से सम्मानित किया गया तथा रितु उपाध्याय को हस्तशिल्प में डॉक्टर ऑफ लिटरेट की उपाधि से भी सम्मानित किया गया।
उन्होंने सभी 94 स्वर्ण पदक प्राप्त छात्र छात्राओं एवं 111 पीएचडी उपाधि धारकों को भावी जीवन के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल द्वारा जिलाधिकारी बरेली व मुख्य विकास अधिकारी बरेली/बदायूं को मेडिकल किट व राजभवन की पुस्तकें प्रदान की गयी।
राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल ने दीक्षांत उद्बोधन में कहा कि यह संतोष का विषय है कि हमारी बेटियां शिक्षा और अनुसंधान में प्रगति कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लाइफ टाइम अचिवमेंट अवार्ड एक प्रेरक परम्परा का सूत्रपात है, जिसके प्रथम प्राप्तकर्ता इसी विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र व झारखण्ड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार जी है जो एक गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि सीखना एक सतत प्रक्रिया है जो मात्र शिक्षा तक सीमित नहीं है। सपने वो नहीं होते जो नींद में आते हैं, सपने वो होते हैं जो व्यक्ति को लक्ष्य प्राप्ति तक सोने नहीं देते हैं इसलिए कर्म को अपना धन बनाईए।
उन्होंने कहा कि आपको समाज के उत्थान और बेहतरी के लिए अपने ज्ञान के उपयोग के साथ सीखने की लालसा रखनी चाहिए। मुझे यकीन है कि आप में से प्रत्येक के अलग-अलग सपने हैं, लेकिन निश्चित रूप से आपको अपने सपनों और आकांक्षाओं को कभी नहीं छोड़ना चाहिए क्योंकि यही आकांक्षाएं हैं जो आपको उपलब्धियों के उच्च स्तर तक ले जाएंगी और आपके जीवन को उद्देश्यपूर्ण बनाएंगी।
यदि आप बड़ा सोचने और दृढ़ विश्वास के साथ समय पर कार्य करने के लिए तैयार हैं, तो सफलता आपकी होगी। इस प्रयास में अकादमिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है और वे विचार और नवाचार की प्रयोगशाला हैं।
विश्वविद्यालयों को अनुसंधान संस्थानों के सहयोग से समर्पित प्रयोगशाला स्थल बनाने की आवश्यकता है ताकि छात्र विश्वविद्यालय छोड़ने से पहले मूल्यवान अनुभव प्राप्त कर सकें। विशिष्ट क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए अन्य शैक्षणिक संस्थानों और अनुसंधान संगठनों के साथ संयुक्त कार्यक्रम तैयार किए जाने चाहिए।
उन्होंने सरदार वल्लभ भाई पटेल के एक सौ पचासवीं जयंती पर राष्ट्र को एकीकृत करने के उनके अथक प्रयास की सराहना की। महामहिम राज्यपाल ने विवेकानंद जी के उच्च आदर्शों को अपने जीवन में उतारने हेतु छात्र छात्राओं को प्रोत्साहित किया तथा वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर वर्ष पर्यन्त कार्यक्रमों को आयोजन किए जाने हेतु कहा।
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल द्वारा विश्वविद्यालय का सत्र नियमित करने के लिए समय पर परीक्षाएं कराने और बैक पेपर परीक्षा की समाप्ति की ओर विश्वविद्यालय के कुलपति का ध्यान आकर्षित किया।
अंत में उन्होंने सभी 94 सभी स्वर्ण पदक प्राप्त छात्र छात्राओं एवं 111 पीएचडी उपाधि धारकों को देश के प्रति कार्य करने और अपने शिक्षा संस्थान एवं अभिभावकों का नाम बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर जनपद बरेली के विकासखंड बिथरी चैनपुर के ग्राम इटौआ बेनीपुर के भाषण प्रतियोगिता के विजेता प्राथमिक विद्यालय के छात्र निखलेश द्वारा भाषण प्रस्तुतीकरण किया गया, जिस पर राज्यपाल ने छात्र निखलेश के भाषण के लिए उसे उसके शिक्षकों और परिवारजनों को बधाई दी और पुरस्कृत किया ।
विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए प्राथमिक स्कूल पंडित दीनानाथ मिश्र की छात्राओं द्वारा नृत्य के माध्यम से पर्यावरण जागरूकता को लेकर प्रस्तुती पर उन्हें प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया।
जनपद बरेली की आंगनबाड़ी कार्यकत्री रूबी, पुष्पा, मीनाक्षी शर्मा, पुष्पा गंगवार, रानी देवी एवं जनपद बदायूं की आंगनबाड़ी कार्यकत्री रचना, द्रोपदी, मधु, संगीता व मंजूला को आंगनबाड़ी केन्द्रों हेतु बच्चों के लिए खेल व पढ़ाई से संबंधित किट प्रदान की गयी और उन्हें बच्चो को स्वछता का महत्व समझाने हेतु निर्देशित किया।
प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने इस अवसर पर कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय के नाम से ही पता चलता है कि ये अपने आप में पौराणिकता और ऐतिहासिकता समेटे हुए है। महात्मा ज्योतिबा फुले और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले महान समाज सुधारक थे।
उनके नाम पर रखे गए विश्वविद्यालय में शिक्षा हासिल करना यहां के विद्यार्थियों के लिए गौरव की बात है। उन्होंने उपाधि और मेडल हासिल करने वाले विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने माता पिता और गुरुओं को कभी न भूलें। क्योंकि उनके श्रम और परिश्रम के बिना ये संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि दीक्षांत का मतलब शिक्षांत नहीं, बल्कि एक नए जीवन की शुरुआत है।
आप अपना लक्ष्य निर्धारित कर शिखर पर पहुंचना चाहेंगे, ये उसकी नींव है आप ने जिस समाज के सहयोग शिक्षा हासिल की है, उसके लिए भी कुछ कर गुजरने का संकल्प लेना चाहिए। क्योंकि शिक्षा से जो संस्कार मिलते हैं, उनसे ही व्यक्ति का निर्माण होता है और उसी से समाज का निर्माण आपको करना होगा।
स्वामी विवेकानंद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद संस्कारयुक्त शिक्षा की बात करते थे।
कोरोना काल में डॉक्टरों ने जो किया वो एक उदाहरण है। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाई।
मगर वो कौन सी शिक्षा है जो डॉक्टरों को आतंकी बनाती है। शिक्षा मानवता की रक्षा के लिए होती है, दानव बनाने के लिए नहीं होती, वो कौन सी शिक्षा है जो बच्चों के हाथ में कलम नहीं देती बल्कि पत्थर देती है, वो कौन सी शिक्षा है जो बच्चों के हाथ में कंप्यूटर नहीं बम देती है, हमें इससे कैसे निजात मिले इसका संकल्प लेना होगा,
शिक्षा वो है जो ज्ञान विज्ञान सिखाए, शिक्षा वो है जो स्वावलंबी बनाए, मगर आज जो शिक्षा कुछ लोगों को मिल रही है उन्होंने अपने लिए ज्ञान विज्ञान के दरवाजे बंद कर लिए हैं। केवल एक पुस्तक से शिक्षा नहीं मिलती।
सरदार वल्लभ भाई पटेल से हमें शिक्षा मिलती है कि राष्ट्र की एकता के लिए हमें समर्पित रहना चाहिए। उन्होंने 562 रियासतों में बंटे देश को एक राष्ट्र एक सूत्र में पिरोया था। बिरसा मुंडा जो कि एक समाज सुधारक और स्वाभिमान के लिए संघर्ष करने वाले थे।
उनके आदर्शों से हमें शिक्षा मिलती है। वंदेमातरम ये वो गीत है, जब 900 साल की गुलामी विदेशी आक्रांताओं ने हमारी अस्मिता को चोट पहुंचाई थी। हमारी आस्थाओं को ध्वस्त किया था। उस समय बंकिम चंद्र चटर्जी ने आनंदमठ नामक पुस्तिका लिखी थी, जिसमें ये केवल गीत नहीं बल्कि एक उद्घोष था जो मानव जाति को चेतना देता था। मातृभूमि के प्रति अपने समर्पण को दिखाता था। जो धुंध छाई हुई थी 900 साल की उसको इस गीत ने छांटा था।
इस गीत के लिए लोगों ने गोलियां खाईं, जेल गए। ये गीत देश भक्ति और एकात्मा का समन्वय है। लिहाजा हमें ऐसे संस्कार चाहिए जो हमें हमारे देश के प्रति समर्पित करें।
हमारे महापुरुष और वरिष्ठ जो सिखाते हैं वो संस्कार हैं। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल इसका साक्षात उदाहरण हैं, वह चाहती तो राज्यपाल बनकर आराम कर सकती थीं। मगर उन्होंने यूपी में शिक्षा का स्तर ऊंचा करने पर फोकस किया। इससे पहले हम कहीं स्थान नहीं रखते थे, आज देश भर के सर्वाधिक ग्रेड प्राप्त विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश में हैं।
समारोह के मुख्य अतिथि आई आई टी रोपड पंजाब के प्रोफेसर राजीव आहूजा ने अपने उद्बोधन में कहा कि छात्रों को निरंतर परिश्रम कर अपने को वर्तमान समय की आवश्यकता के अनुरूप ढालना होगा। विद्यार्थी को सतत प्रयास कर अपने संस्थान के ऊंचे प्रतिमान स्थापित करने हैं और अच्छे छात्रों से ही संस्थान की पहचान होती है।
मैं आईआईटी का हूं और यूजीसी कैटेगरी 1 यूनिवर्सिटी के रूप में आईटी रोपण और रूहेलखंड विश्वविद्यालय दोनों शामिल हैं जो ग्रांट मिल रही है उसका उपयोग अच्छी प्रयोगशालाएं लाइब्रेरी एवं संसाधनों को जुटाने में किया जाए जिससे अच्छे शोधार्थी के लिए सुविधाएं उत्पन्न हो।
रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के. पी. सिंह ने अपने दीक्षांत उद्बोधन में कहा कि वर्ष 2024- 25 में रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, विश्वविद्यालय को नैक द्वारा 3.6 स्कोर के साथ 3.6 ग्रेड से ए मान्यता प्राप्त है। विश्वविद्यालय को यूजीसी, नई दिल्ली द्वारा श्रेणी-1 का दर्जा प्राप्त है। केंद्र सरकार की पीएम उषा परियोजना के अंतर्गत 100 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है।
बुनियादी ढांचे के उन्नयन और मजबूती के लिए पीएम उषा परियोजना के अंतर्गत 10 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है। शैक्षणिक और शोध वातावरण को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। विश्वविद्यालय को ।छत्म्-च्।प्त् परियोजना के अंतर्गत 10 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है। रुहेलखंड इनक्यूबेशन फाउंडेशन जो विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित एक सेक्शन 8 कंपनी है, को 10 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है।
विश्वविद्यालय ने समर्थ पोर्टल को अपनाया है और पोर्टल के माध्यम से विभिन्न गतिविधियाँ शुरू की गई हैं, जबकि कुछ अन्य गतिविधियाँ प्रक्रिया में हैं।
इस वर्ष विश्वविद्यालय की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में विश्वविद्यालय स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा है एवं विश्वविद्यालय में नवनिर्मित द्वार (स्वर्ण जयंती द्वार) का निर्माण करा चुका है, जिसका उद्घाटन भी राज्यपाल द्वारा किया गया है।
कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और समझौता ज्ञापन स्थापित किए गए हैं। कुछ अंतर्राष्ट्रीय समझौता ज्ञापन निम्न हैं- मैसाचुसेट्स विश्वविद्यालय, एमहस्टमहट, मैसाचुसेट्स, अमेरिका, सुमी स्टेट यूनिवर्सिटी (सुमदु), सुमी, यूक्रेन, वेस्टर्न यूनिवर्सिटी, महेंद्रनगर, कंचनपुर, नेपाल, कृषि अनुसंधान संगठन वोल्कैनी इंस्टीट्यूट, रिशोन लेजियन, इजरायल, नेशनल फॉर्मोसा यूनिवर्सिटी, ताइवान, मिसिसिपी वैली स्टेट यूनिवर्सिटी, अमेरिका, फिलो मैथ यूनिवर्सिटी अबुजा, नाइजीरिया, जॉन कैरोल यूनिवर्सिटी (जेसीयू), यूनिवर्सिटी हाइट्स, ओहायो, अमेरिका, शिक्षा प्रभाग, भारत में ताइपे आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र, ताइवान, भारत में ताइपे आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र, वारसॉ विश्वविद्यालय, पोलैंड (प्रक्रिया में), हाल ही में एनआईआरएफ रैंकिंग में विश्वविद्यालय ने राज्य विश्वविद्यालयों के बीच रैंक बैंड 51-100 और फार्मेसी श्रेणी में रैंक बैंड 101-125 में समग्र रैंक हासिल की है।
उत्तर प्रदेश के सभी आवासीय विश्वविद्यालयों में सर्वप्रथम रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय ने ब्लॉक चेन सिस्टम द्वारा विद्यार्थियों की डिग्री, मार्कशीट एवं शैक्षणिक दस्तावेजों आदि को राज्यपाल महोदया के द्वारा अपलोड किया जा रहा है। ब्लॉक चेन सिस्टम सबसे आधुनिक तकनीक है ,जिसमें किसी भी शैक्षणिक प्रमाण पत्र की कूट रचना नहीं हो सकती।
इससे विद्यार्थियों को बहुत सुविधा मिलेगी सभी दस्तावेज पूरे विश्व में कहीं भी हर समय उपलब्ध रहेंगे, जिससे विद्यार्थियों को रोजगार लेने दस्तावेजों के प्रमाणीकरण या विदेशों में शिक्षा प्राप्त करने में बहुत सुगमता होगी।
रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय ने सत्र 2024-25 के लिए 44 विषयों में 110 पीएचडी पूर्ण कराए गए है। शोध में विदेशी अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के प्रवेश को कार्यान्वित किया गया। सत्र 2024-25 नए पीएचडी पर्यवेक्षकों के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए और विश्वविद्यालय, इसके संबद्ध कॉलेजों और अन्य विश्वविद्यालयों के नियमित संकायों से 15 पर्यवेक्षकों को मंजूरी दी गई है।
अब तक सत्र 2024-25 तक रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय 1748 पी.एच.डी. थीसिस शोधगंगा वेबसाइट पर अपलोड किए गए हैं। विश्वविद्यालय में नवाचार, प्रशासनिक एवं शैक्षणिक सुधारों से संबंधित अन्य विभिन्न कार्य प्रक्रिया गत है। जिससे आने वाले समय में विश्वविद्यालय में गुणात्मक सुधार, एकेडमिक एवं शोध में उन्नयन परिलक्षित होगा एवं विश्वविद्यालय नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगा।
हमारे विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने क्रीडा सत्र 2024-25 में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन के आई. आई. एस. यूनिवर्सिटी, ओडिशा में हुआ, जिसमें हमारे खिलाड़ियों ने 03 रजत एवं 01 कांस्य पदक अर्जित किए।
नॉर्थ ईस्ट जोन इंटर यूनिवर्सिटी जूडो प्रतियोगिता गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर में आयोजित हुई, खिलाड़ी ने 01 रजत एवं 01 कांस्य पदक प्राप्त किए। ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी जूडो प्रतियोगिता गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर में संपन्न हुई, जिसमें हमारे खिलाड़ियों ने 02 रजत पदक प्राप्त किए। ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी रेसलिंग प्रतियोगिता गुरु काशी यूनिवर्सिटी, पंजाब में हुई, जिसमें हमारे खिलाड़ी ने 01 कांस्य पदक जीता। ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी बेस्ट फिजीक प्रतियोगिता श्री शंकराचार्य यूनिवर्सिटी ऑफ संस्कृत में आयोजित हुई, जिसमें हमारे खिलाड़ी ने 01 कांस्य पदक लाकर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है।
कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रुप में राज्यपाल (झारखण्ड) संतोष कुमार गंगवार, मुख्य अतिथि के रुप में निदेशक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रोपड़ (पंजाब) प्रोराजीव आहूजा, विशिष्ट अतिथि के रूप में मंत्री उच्च शिक्षा योगेंद्र उपाध्याय, विशिष्ट अतिथि के रुप में राज्य मंत्री उच्च शिक्षा रजनी तिवारी, रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी /शोधार्थी आदि उपस्थित रहे। निर्भय सक्सेना
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