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Bareilly News: सोमनाथ महादेव के खंडित अवशेष का पूजन एवं दर्शन हुए बरेली के भक्तों को। आर्ट आफ लिविंग की यात्रा में बाबा त्रिवटी नाथ मंदिर में आए एक हजार वर्ष पुराने 2 अवशेष

Bareilly News: सोमनाथ महादेव के खंडित अवशेष का पूजन एवं दर्शन हुए बरेली के भक्तों को। आर्ट आफ लिविंग की यात्रा में बाबा त्रिवटी नाथ मंदिर में आए एक हजार वर्ष पुराने 2 अवशेष


बरेली रूबरू बरेली। बरेली में शिवभक्तों ने सोमवार को सोमनाथ महादेव के 1 हजार वर्ष पुराने खंडित हुए अवशेष के दर्शन बाबा त्रिवटी मंदिर में भव्य पूजन के बाद कतार में लग कर किए। जिसे एक यात्रा के रूप में स्वामी भव्यतेज जी बरेली लेकर शुभ 9 बजे आए थे । 

बाबा त्रिवटी मंदिर के सभागार में सोमवार सुबह विधिवत पूजन के बाद भक्तों ने अवशेष के दर्शन किए। आर्ट ऑफ लिविंग की कॉर्डिनेटर श्वेता कुनार, पार्थो कुनार, रीना अग्रवाल, नवीन गोयल ने बताया कि दर्शन के उपरांत यह यात्रा नोएडा के लिए मध्यान में वापस चली गई। 

स्मरण रहे कांची के शंकराचार्य शंकराचार्य की भविष्यवाणी के अनुरूप गत वर्ष तमिलनाड के पुजारियों ने सोमनाथ मंदिर के यह प्राचीन शिवलिंग अवशेष दुनिया के जाने माने आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर को सौंपे थे । 


अब श्री श्री रविशंकर के ही आदेश पर उनकी संस्था आर्ट आफ लिविंग इस प्राचीन शिवलिंग के अवशेषों को लेकर एक देश भर में यात्रा निकाल रही है। इसी क्रम में यह यात्रा सोमवार छह अप्रैल को बरेली आई थी। 


स्मरण रहे गुजरात में सोमनाथ मंदिर को 1026 ईसवीं में एक हजार साल पहले महमूद गजनवी ने ध्वस्त कर दिया था। इसी सोमनाथ मंदिर में बना भगवान शिव का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है। महमूद गजनवी ने सोमनाथ में भगवान महादेव के पवित्र शिवलिंग को भी खंडित किया था। 

बताते हैं एक हजार साल तक शिवलिंग के अवशेषों को तमिलनाडु के अग्निहोत्री पुजारियों ने गुप्त रूप से छिपाकर रखा तथा अवशेषों की पूजा अर्चना करते रहे। कांची के शंकराचार्य की भविष्यवाणी के अनुरूप गत वर्ष 2025 में शिवरात्रि पर पुजारियों ने यह प्राचीन शिवलिंग अवशेष दुनिया के जाने माने आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जी को सौंपे थे।


उनके ही आदेश पर उनकी संस्था आर्ट आफ लिविंग इस प्राचीन शिवलिंग के अवशेषों को लेकर एक विशाल यात्रा निकाल रही है। जो पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु होकर यू पी में झांसी, कानपुर आगरा, मेरठ, मुरादाबाद होकर अब बरेली आई और वापस नोएडा लौट गई ।

आर्ट आफ लिविंग के नेशनल मीडिया कोर्डिनेटर पार्थो कुनार ने बताया कि इस आयोजन में आध्यात्म, इतिहास और हमारी प्राचीन संस्कृति का समावेश है। 


अब से ठीक एक हजार साल पहले 1026 ईसवीं में आक्रमणकारी महमूद गजनवी ने सोमनाथ के पवित्र मंदिर को ध्वस्त कर दिया था, लेकिन आस्थावानों ने अपने हौसलों से धर्मपताका को उठाये रखा। पवित्र शिवलिंग के अवशेष अग्निहोत्री पुजारियों ने 900 साल तक संभालकर रखे। 


गुप्त रूप से सुरक्षित कर पूजा अर्चना करते रहे, पीढ़ी दर पीढ़ी, इस शिवलिंग के अवशेष संरक्षित होते रहे। 1925 में कांची के शंकराचार्य जी ने भविष्यवाणी की कि इन अवशेषों को उचित समय पर ऐसे योग्य आध्यात्मिक नेतृत्व को सौंपा याजेगा जिनके नाम में ही शंकर होंगे। 



जनवरी 2025 में परंपरा के अंतिम संरक्षक सीताराम शास्त्री ने महाशिवरात्रि के अवसर पर दुनिया के जाने माने आध्यात्मिक संत गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी को यह अवशेष प्रदान किये।



श्री कुनार ने बताया कि आर्ट आफ लिविंग इन्हीं अवशेषों के साथ देश में एक यात्रा निकाल रही है। जिससे देशवासी दर्शन कर सकें।


इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से नाथ नगरी बरेली के अलखनाथ महाराज बाबा, मणिनाथ बाबा, धोपेश्वर नाथ बाबा, बनखंडी नाथ के बाबा, तुलसी मठ के महंत, उत्तर प्रदेश के वन मंत्री डॉ अरुण कुमार, बीजेपी सांसद छत्रपाल, मेयर उमेश गौतम डॉ अरुण कुमार, श्वेता कुनार, सौरभ मेहरोत्रा, बृजवासी, गोपाल सरन, अशोक भसीन, रीना अग्रवाल, प्रताप चंद्रसेठ, आई एम में अध्यक्ष डॉ अतुल कुमार श्रीवास्तव, डॉ विनोद पागरानी, डॉ प्रमेंद्र माहेश्वरी, विशाल मेहरोत्रा, पूर्व मंत्री गंगवार, एसपी सिटी, एडीजी बरेली ए आरटीओ आदि गणमान्य उपस्थित रहे। 


इन सभी गणमान्य लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए श्रद्धा व्यक्त की तथा आयोजन की भव्यता की सराहना की।
इस आयोजन ने न केवल बरेली, बल्कि पूरे देश में आध्यात्मिक जागरूकता और सांस्कृतिक गौरव का संदेश दिया। निर्भय सक्सेना

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