राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका होने पर भी हिन्दी पत्रकारिता का रास्ता आसान नहींविविध संवाद' के पत्रकारिता विशेषांक का हुआ विमोचन। 200 वर्ष की पत्रकारिता में क्या पाया और क्या खोया पर हुई संगोष्ठी
बरेली रूबरू बरेली। मानव सेवा क्लब और भारतीय पत्रकारिता संस्थान के 43 वें वार्षिकोत्सव पर हुए कार्यक्रम में गोंडा से पधारे वरिष्ठ पत्रकार कार्यक्रम के अध्यक्षडॉ. जी. सी. श्रीवास्तव ने कहा कि 200 वर्षों से राष्ट्र निर्माण में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
लेकिन पत्रकारिता करना अब भी आसान नहीं है। कॉरपोरेट सेक्टर और सोशल मीडिया ने पत्रकारिता को पत्रकारिता नहीं रहने दिया उसका रूप बिगाड़ दिया है।
रोटरी भवन में मानव सेवा क्लब और भारतीय पत्रकारिता संस्थान के 43 वें वार्षिकोत्सव पर वरिष्ठ पत्रकार डॉ. जी. सी. श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में स्व. सुरेन्द्र बहादुर सिन्हा, शांति, रुचि मलिक और प्रशांत सुमन की स्मृति में सम्मान भी दिए गए।
28 वां सुरेन्द्र बहादुर सिन्हा पत्रकारिता सम्मान" गोंडा के वरिष्ठ पत्रकार डॉ. जी. सी. श्रीवास्तव को दिया गया। "15 वां शान्ति सिन्हा पत्रकारिता सम्मान" पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए के लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार अनुपम चौहान और बरेली की अंजू शर्मा को दिया गया। प्रशांत सुमन पत्रकारिता सम्मान लखनऊ के दैनिक स्वदेश के वरिष्ठ पत्रकार डॉ. अतुल मोहन सिंह को दिया गया।
बरेली की जानी- मानी वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवयित्री डॉ. शालिनी शर्मा " मुक्ता " को तृतीय रुचि मलिक स्मृति साहित्य सम्मान" प्रदान किया गया।
समारोह लखनऊ से ही आये समर सलिल के संपादक एवं नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया नई दिल्ली की यू पी इकाई के कोषाध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार अनुपम चौहान ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की झूठी- सच्ची पत्रकारिता पर कटाक्ष किया।
उन्होंने सच्चाई के साथ पत्रकारों से कार्य की बात पर जोर दिया। डॉ अतुल मोहन सिंह ने दैनिक दिव्य प्रकाश के संपादक स्वर्गीय प्रशांत सुमन को भावपूर्ण स्मरण किया।
भारतीय पत्रकारिता संस्थान के निदेशक सुरेन्द्र बीनू सिन्हा ने कहा कि पिछले 43 वर्षों से पत्रकारिता का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है अब पत्रकारिता धरातल से नहीं हो रही है।
हमें अपने स्वाभिमान को बचाकर पत्रकारिता करनी है। साहित्यकार सुरेश बाबू मिश्रा ने कहा कि पत्रकारिता से लोग बहुत उम्मीद रखते हैं लेकिन पत्रकारिता को वह क्या दे रहे हैं
यह एक अहम प्रश्न है। क्लब अध्यक्ष सुरेन्द्र बीनू सिन्हा और कार्यवाहक महासचिव मुकेश सक्सेना ने सभी को सम्मानित भी किया।विविध संवाद पत्रिका के 200 वर्षों की पत्रकारिता से युक्त सामग्री का विशेषांक का अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया।
पत्रकारिता दिवस पर हुए कार्यक्रम में " 200 वर्षों की पत्रकारिता में क्या पाया और क्या खोया" पर गहन चर्चा हुई। बरेली के वरिष्ठ पत्रकार निर्भय सक्सेना, फहीम करार, कुबेर सुमन, गुरु वचन दास, अश्विनी शर्मा, पवन कालरा, मोमीन खां और अजय शर्मा सहित 15 स्थानीय पत्रकारों को स्मृति चिन्ह और पटका पहनाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का प्रारंभ अरुणा सिन्हा द्वारा सरस्वती मां की वंदना से हुआ। मंजू सक्सेना और शकुन सक्सेना ने वन्देमातरम गीत गाया।
प्रकाश चंद्र सक्सेना ने आव्हान गीत और सभी का स्वागत सुरेन्द्र बीनू सिन्हा ने किया। मानव सेवा क्लब की गतिविधियों की जानकारी मुकेश कुमार सक्सेना ने दी। सभी का आभार नरेश मलिक और डी- डी. शर्मा ने व्यक्त किया।
सुरेश बाबू मिश्रा, इन्द्र देव त्रिवेदी, सत्येन्द्र सक्सेना, जितेंद्र सक्सेना, फहीम करार, अभय भटनागर, मंजू लता, शकुन सक्सेना, रश्मि, अनिला, बेबी शर्मा, प्रियदर्शिनी शर्मा, महेश शर्मा, असित रंजन, रमेश गौतम और सुनील कुमार शर्मा मौजूद रहे। निर्भय सक्सेना
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