बदलते युग में किसी से भी उम्मीद करना मूर्खता होगी । आज के समय में सब कुछ पैसा हो गया है
बदलते युग में किसी से भी उम्मीद करना मूर्खता होगी
आज के समय में सब कुछ पैसा हो गया है
यात्रा वृतांत
हरिद्वार से लौटते समय की घटना है
हरिद्वार से लौटते समय रास्ते में मोटा महादेव मंदिर पड़ता है मैंने देखा वहां पर एक यात्रियों से भरी हुई बस रुकी रोड पर सरकारी नल लगा था तो बस के यात्रियों के एजेंट ने सोचा यहां पर खाना बना लिया जाए उसने वहां पर रहने वाले इंसान से पूछा की क्या मैं यहां पर खाना बना सकता हूं तो मंदिर के मैनेजर ने कहा यहां पर खाना बनाने के ₹2500 की रसीद कटेगी बेचारा बस का एजेंट सवारियों को लेकर आगे को निकल गया
मैं कार से था तो मैंने देखा थोड़ा आगे बढ़ते एक मजार है वहां पर बहुत सारे नल लगे हुए थे और बैठने की व्यवस्था भी थी तो मैंने देखा वह वहां पर ही खाना बनाने लगे
मस्जिद के अंदर से एक युवक निकल कर आया उसने कहा की भाई साहब अगर किसी चीज की जरूरत हो तो बता देना
इतना देखकर मैं नि शब्द हो गया मंदिर के मैनेजर को अपना समझू या यह मस्जिद के बाहर मिले युवक को
ऐसा नहीं है कि यहीं पर ऐसा हुआ हो हर जगह यही होता है रोड पर खाना बनाने के मुंह मांगे पैसे लिए जाते हैं तीर्थ यात्रियों से
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