430 विकास कार्यों पर महापौर का सख्त रुख, एई-जेई को फटकार; बोले- गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा
वरिष्ठ पत्रकार निर्भय सक्सैना
बरेली रूबरू बरेली। नगर निगम के 430 विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान कार्यों की धीमी प्रगति पर महापौर डॉ. उमेश गौतम का कड़ा रुख देखने को मिला। समीक्षा बैठक में उन्होंने निर्माण विभाग के अधिकारियों और अभियंताओं को फटकार लगाते हुए स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।
महापौर ने कच्ची गलियों के निर्माण कार्यों में देरी पर नाराजगी जताते हुए संबंधित जूनियर इंजीनियरों को 18 जून तक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि तय समयसीमा में कार्य पूरे नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम, अवस्थापना निधि और 15वें वित्त आयोग से संचालित परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान कई कार्यों में देरी सामने आई। इस पर महापौर ने मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी को वार्डवार प्रगति रिपोर्ट तैयार कर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बरसात के मौसम को देखते हुए महापौर ने नाला निर्माण और सफाई कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्षा से पहले सभी प्रमुख नालों का निर्माण और मरम्मत कार्य पूरा कर लिया जाए, ताकि शहरवासियों को जलभराव की समस्या का सामना न करना पड़े।
महापौर ने लंबित टेंडर प्रक्रियाओं पर भी नाराजगी जताते हुए जून के अंत तक सभी प्रस्तावित विकास कार्यों की टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की कार्यशैली के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, उनकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी समेत नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। महापौर ने बताया कि दिसंबर 2026 तक शहर की सभी कच्ची गलियों को पक्का करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और इसके लिए व्यापक कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे कराए जाएंगे।
0 Response to "430 विकास कार्यों पर महापौर का सख्त रुख, एई-जेई को फटकार; बोले- गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा"
एक टिप्पणी भेजें