रामराज्य की प्रेरणा देती है अहिल्याबाई की शासन व्यवस्था।
बरेली रूबरू बरेली। अखिल भारतीय साहित्य परिषद ब्रज प्रान्त बरेली के तत्वावधान में बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष डाॅ सुरेश बाबू मिश्रा ने कहा कि इन्दौर की वीर और तपस्वी रानी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने शासन काल में सुशासन की नींव रखी ।
वह एक प्रजा वत्सल रानी थीं और अपनी प्रजा का कल्याण उनके लिए सर्वोपरि था । उनकी राजधानी इन्दौर वर्तमान समय में देश का सर्वाधिक स्वच्छ शहर है ।
शील ग्रुप के सिटी सभागार में हुए कार्यक्रम में सुरेश बाबू मिश्रा ने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने शासन काल में बड़ी संख्या में मंदिरों और धर्मशालाओं का निर्माण कराया।
वनारस के विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार अहिल्याबाई होल्कर ने ही करवाया था ।
निर्भय सक्सेना ने कहा कि रानी अहिल्याबाई होल्कर ने नारी सशक्तिकरण का बेजोड़ उदाहरण प्रस्तुत किया था। वह अपने रचनात्मक कार्यों के लिए वह सदैव अमर रहेंगी।
अध्यक्षीय उद्बोधन में उमेश चन्द्र गुप्ता ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर परम शिवभक्त थीं । एक समृद्ध साम्राज्य की रानी होने के उपरांत भी उन्होने अपने पति के युद्ध में वीरगति प्राप्त होने के उपरांत उन्होने तपस्वी जीवन विताया ।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में राष्ट्र साधना के सौ वर्ष के उपलक्ष्य में युवा कवि रितेश साहनी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से काव्य गोष्ठी का शुभारम्भ हुआ। काव्य गोष्ठी में कवि रोहित राकेश, उमेश चन्द्र गुप्ता, विमलेश चन्द्र दीक्षित, प्रमोद कुमार मिश्रा और रमेश रंजन ने रचनाएं प्रस्तुत कर वातावरण को देशप्रेम और भक्ति- भाव के रंग में सराबोर कर दिया। प्रमोद मिश्रा ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया । निर्भय सक्सेना
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