उद्यमी सरकारी विभाग से डरें नहीं अपने उत्पादों को गुणवत्तायुक्त बनाएं
बरेली रूबरू बरेली। सैन्ट्रल यू पी चैम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इन्डस्ट्री वैलफेयर एसोसिएशन द्वारा एम एस एम ई पर हुई परिचर्चा में विभिन्न सरकारी विभागों के विभागाध्यक्ष व उच्च अधिकारी शामिल हुए।
परिचर्चा में यह भी कहा गया कि उद्योगों की प्रगति एवं नए निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए उद्योगों एवं विभाग के बीच निरंतर संवाद होना आवश्यक आवश्यक है। 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" के अंतर्गत प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाने तथा उद्यमियों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए सरकारी विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
अब उद्यमियों को विभाग से डरने की जरूरत नहीं बल्कि अपने उत्पादों में गुणवत्ता लाने की जरूरत है ताकि उनका विदेशों में भी निर्यात बढ़ सके। आई एम ए भवन में 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" पर परिचर्चा कार्यक्रम में सैन्ट्रल यू पी चैम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इन्डस्ट्री वैलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव शिंघल ने कहा कि उद्योग, व्यापार एवं सेवा क्षेत्र किसी भी क्षेत्र की आर्थिक प्रगति की रीढ़ हैं और इनके विकास के लिए सरल, पारदर्शी एवं व्यवसाय अनुकूल नीतियों की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न सरकारी विभागों और उद्योग जगत के बीच निरंतर संवाद एवं समन्वय अत्यंत आवश्यक है एवं प्रशासन द्वारा व्यापार एवं उद्योगों की समस्याओं के समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि लाइसेंस, अनुमति, निरीक्षण एवं अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और अधिक सरल एवं डिजिटल बनाया जाना चाहिए।
राजीव सिंहल ने यह भी कहा कि चैम्बर ऑफ कॉमर्स सदैव उद्योगों एवं व्यापारियों की समस्याओं को शासन एवं प्रशासन तक पहुँचाने तथा समाधान हेतु सकारात्मक भूमिका निभाता रहेगा।
परिचर्चा कार्यक्रम में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से आये सहायक आयुक्त संदीप कुमार चोरसिया ने बताया कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ एवं औषधियां उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने खाद्य लाइसेंस एवं पंजीकरण, नवीनीकरण प्रक्रिया, ऑनलाइन सेवाओं, नमूना जांच तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन संबंधी जानकारी सदस्यों को प्रदान की।
चर्चा के दौरान खाद्य व्यवसायियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों ने लाइसेंस प्राप्त करने, नवीनीकरण, निरीक्षण प्रक्रिया अन्य विभागीय औपचारिकताओं से संबंधित व्यावहारिक कठिनाइयों को अधिकारियों के समक्ष रखा। संदीप चोरसिया द्वारा इन समस्याओं के त्वरित एवं सकारात्मक समाधान तथा व्यापारिक समुदाय के साथ सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आश्वासन दिया गया।
और कहा कि विभाग से डरने की जरूरत नहीं है। इस परिचर्चा में विशिष्ट अतिथि संयुक्त आयुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान ने सदस्यों को अवगत कराते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना, निवेश को प्रोत्साहित करना तथा उद्योग स्थापना एवं संचालन की प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाना है।
उन्होंने विभिन्न औद्योगिक नीतियों, सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं, अनुदान सुविधाओं एवं ऑनलाइन अनुमोदन प्रणालियों की जानकारी उद्यमियों को प्रदान की।
उन्होने सदस्यों को आश्वासन देते हुए बताया कि विभाग द्वारा उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण, आवश्यक अनुमतियों को समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने तथा विभाग एवं उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का वायदा किया तथा सदस्यों द्वारा पूछे गये प्रश्नों के उत्तर भी दिये।
विशिष्ट अतिथि रेलवे लॉजिस्टिक्स से आये संजीव शर्मा ने बताया कि रेलवे लॉजिस्टिक्स पार्क, मालगोदाम सुविधाओं, पार्सल सेवाओं एवं विशेष मालगाड़ियों के माध्यम से व्यापारियों को बेहतर परिवहन विकल्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने उद्यमियों से रेलवे की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने एवं अपने परिवहन खर्च को कम करने हेतु रेलवे से जुड़ने का आह्वान किया।
पैनल परिचर्चा के दौरान सदस्यों द्वारा माल बुकिंग, समयबद्ध आपूर्ति एवं स्थानीय स्तर पर रेलवे सुविधाओं के विस्तार से संबंधित सुझाव भी रखे गए, जिन पर उन्होने सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया।
भू- जल विभाग से आये अधिशासी अभियंता सौरभ साह ने सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उद्योगों द्वारा भू-जल दोहन के लिए आवश्यक अनुमतियों, पंजीकरण प्रक्रियाओं तथा जल संरक्षण संबंधी मानकों का पालन करना आवश्यक है।
उन्होंने वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग), जल पुनर्चक्रण एवं जल के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया।
उनके द्वारा सदस्यों को आश्वस्त किया गया कि भू-जल संबंधी अनुमतियों एवं अन्य विभागीय प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं तथा उद्योगों की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान हेतु विभाग सदैव सहयोग के लिए तत्पर है।
यूपीसीडा से आए क्षेत्रीय प्रबंघक मंसूर कटियार ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर सड़क, विद्युत, जल निकासी, स्वच्छता एवं अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है।
उन्होंने औद्योगिक भूखंडों के आवंटन, लीज संबंधी प्रक्रियाओं, ऑनलाइन सेवाओं एवं उद्यमियों की समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण के लिए विभाग की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
चर्चा के दौरान सदस्यों ने औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कों की मरम्मत, जल निकासी, साफ- सफाई, सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य आधारभूत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इस पर उन्होने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
उन्होने सदस्यों द्वारा पूछे गये सवालो के जबाव भी दिये। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आए अतिथि ने कहा कि उद्योगों के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी समान रूप से आवश्यक है। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ऑनलाइन सेवाओं, सहमति की प्रक्रिया, समयबद्ध अनुमोदन एवं शिकायत निवारण प्रणाली की जानकारी उद्यमियों को दी।
उन्होने उद्यमियों से स्वच्छ तकनीक अपनाने, अपशिष्ट प्रबंधन, वायु एवं जल प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन करने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।
बरेली विकास प्राधिकरण से आये अतिथि ने कहा कि भवन मानचित्र स्वीकृति, भूमि उपयोग परिवर्तन, ऑनलाइन आवेदन एवं विभिन्न अनुमोदन प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने व्यापारियों एवं उद्यमियों को उपलब्ध ऑनलाइन सेवाओं तथा शिकायत निवारण व्यवस्था की जानकारी भी दी।
उन्होने कहा कि शहर के सुनियोजित विकास, आधुनिक आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता एवं निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है।
चर्चा के दौरान उद्योग एवं व्यापार प्रतिनिधियों ने मानचित्र पास कराने, भूमि उपयोग परिवर्तन, शुल्क निर्धारण, अवैध निर्माण से संबंधित व्यावहारिक समस्याओं तथा अन्य प्रशासनिक कठिनाइयों को उनकेे समक्ष रखा। इस पर उन्होने समस्याओं के शीघ्र एवं सकारात्मक समाधान तथा व्यापारिक समुदाय के साथ बेहतर समन्वय का आश्वासन दिया।
इस परिचर्चा में बरेली में नये उद्योगों की स्थापना एवं उनके सुगम संचालन में आने वाली समस्याओं पर सभी विभागों के अधिकारियों द्वारा उद्यमियों संग विस्तार से चर्चा की गई। परिचर्चा में संस्था के सदस्यों द्वारा पूछे गये सवालों के जवाव सभी विभागों के अधिकारियों द्वारा बखूवी दिये गये।
अंत में संस्था के अध्यक्ष राजीव शिंघल व सचिव शरद अग्रवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, पैनल सदस्यों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त कर अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व अध्यक्ष अभिनव अग्रवाल व अल्पित अग्रवाल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन संस्था सचिव शरद अग्रवाल ने दिया।
इस परिचर्चा कार्यक्रम में अजय शुक्ला, अभिनव कटरू, राजेश तनेजा, डॉ महेंद्र सिंह बासु, राजेश अग्रवाल, तेजेन्द्र सिंह, सुनीत मूना, आशुतोष शर्मा, विभोर गोयल, अनूप अनंतवीर सिंह, ईशान रस्तोगी, सी ए क्षितिज टंडन, संजय रेक्रीवाल, शेखर अग्रवाल, संजय अग्रवाल, निशांत अग्रवाल, डॉ के वी त्रिपाठी, राजेश गुप्ता, अंकुर सक्सेना, मनीष अग्रवाल, डॉ रतन पाल सिंह, मनीष मित्तल, पवन मित्तल, तुषार गोयल, अनूप अग्रवाल एवं डॉ प्रमेन्द्र महेश्वरी आदि ने भाग लिया। निर्भय सक्सेना
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