लखनऊ में धरना-प्रदर्शन की खबरों को ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस ने बताया भ्रामक, संगठन मंत्री की नजरबंदी पर जताई आपत्ति
बरेली रूबरू लखनऊ। ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर चल रही उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें 11 जून को लखनऊ में पार्टी द्वारा धरना-प्रदर्शन किए जाने का दावा किया जा रहा है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वसी अहमद और प्रदेश संगठन की ओर से जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि इस संबंध में प्रसारित की जा रही सूचनाएं पूरी तरह भ्रामक और निराधार हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष वसी अहमद ने स्पष्ट किया कि पार्टी द्वारा लखनऊ में किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन तय नहीं किया गया है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अफवाहों पर विश्वास न करें तथा शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखें। साथ ही जिला एवं पुलिस प्रशासन से भी अफवाह फैलाने वाले तत्वों पर नजर रखने और तथ्यों की निष्पक्ष जांच करने का आग्रह किया।
पार्टी के संगठन मंत्री मुख्तार अहमद ने कहा कि 11 जून 2026 को मुख्यमंत्री आवास या फॉरेस्ट हाउस के सामने दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन की जो बातें सोशल मीडिया पर कही जा रही हैं, उनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून का सम्मान करती है तथा किसी भी कार्यक्रम का आयोजन प्रशासनिक अनुमति के बिना नहीं किया जाता।
बयान में यह भी कहा गया कि प्रशासन द्वारा पार्टी को सूचित किया गया है कि संगठन मंत्री मुख्तार अहमद को 12 जून 2026 तक दो दिनों के लिए हाउस अरेस्ट (नजरबंद) किया गया है।
पार्टी ने इस कार्रवाई को संज्ञान में लेते हुए कहा है कि वह कानूनी प्रक्रियाओं के तहत अपनी बात रखेगी।
पार्टी नेतृत्व ने सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने तथा किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए केवल पार्टी के अधिकृत स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की है।
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