वक़ार-ए-मिल्लत सम्मान से नवाज़े गए समाजसेवी फ़रमान हसन ख़ान, उर्स-ए-क़ादरी जीलानिया में मिला सम्मान
बरेली रूबरू बरेली। ख़ानक़ाह आलिया क़ादरिया जीलानिया, खेड़ा शरीफ़ खोंदलपुर, बिलासपुर (ज़िला रामपुर) में आयोजित 176वें उर्स-ए-क़ादरी जीलानिया के अवसर पर प्रसिद्ध समाजसेवी फ़रमान हसन ख़ान उर्फ़ फ़रमान मियां को उनकी सामाजिक, धार्मिक एवं मानवीय सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित "वक़ार-ए-मिल्लत" की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान ख़ानक़ाह के सज्जादानशीन सैयद मोहम्मद अहमद उर्फ़ मुन्ने मियां क़ादरी की सरपरस्ती में आयोजित एक गरिमामय समारोह में प्रदान किया गया। समारोह में सैयद गयासुद्दीन क़ादरी गयास-ए-मिल्लत, सज्जादानशीन ख़ानक़ाह अहमदिया कालपी शरीफ़ ने फ़रमान हसन ख़ान को सम्मान-पत्र एवं "वक़ार-ए-मिल्लत" की उपाधि भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर सैयद शाह हसनैन बक़ाई क़ादरी साफ़वी, नायब सज्जादानशीन ख़ानक़ाह आलिया बक़ाइया सफीपुर शरीफ़ तथा सैयद मोहम्मद फ़रमान क़ादरी सहित बड़ी संख्या में उलेमा-ए-किराम, सूफ़ी बुज़ुर्ग और देश के विभिन्न हिस्सों से आए अकीदतमंद मौजूद रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि फ़रमान मियां लंबे समय से समाज में अमन, भाईचारे, इंसानियत और सामाजिक जागरूकता के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। समाज में सौहार्द और सेवा की भावना को बढ़ावा देने में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें इस सम्मान से नवाज़ा गया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद फ़रमान हसन ख़ान ने आयोजकों और ख़ानक़ाह के बुज़ुर्गों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व के साथ-साथ समाज के प्रति ज़िम्मेदारियों को और अधिक बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में भी मानवता और समाज की सेवा के कार्यों में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सक्रिय रहेंगे।
उर्स के दौरान आयोजित धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में देश के विभिन्न राज्यों से आए उलेमा, सज्जादानशीन, सूफ़ी संतों और अकीदतमंदों ने शिरकत की। इस दौरान हज़रत ग़ौस-ए-आज़म शेख़ अब्दुल क़ादिर जीलानी की शिक्षाओं पर अमल करते हुए समाज में अमन, मोहब्बत, भाईचारे और इंसानियत के संदेश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में सैयद आसिम मियां, सैयद साइम मियां, सैयद मख़दूम मियां, मुफ़्ती फ़ैज़ान साहब, मौलाना असलम, मौलाना क़मर अली, क़ारी नाज़िर रज़ा, क़ारी अज़हर रज़ा, फ़ैज़ी वसीम अज़हर, मौलाना नईम रज़ा, हसन रज़ा, शरीफ़ अख़्तर, मौलाना सलीत रज़ा मिस्बाही, मोहम्मद अब्दुल्लाह समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
0 Response to "वक़ार-ए-मिल्लत सम्मान से नवाज़े गए समाजसेवी फ़रमान हसन ख़ान, उर्स-ए-क़ादरी जीलानिया में मिला सम्मान"
एक टिप्पणी भेजें