अस्पताल में हुई महिला की मौत, कोरोना के भय से परिजनों ने शव लेने से किया इंकार.मुस्लिम परिवार ने कराया अंतिम संस्कार
डॉक्टरों ने अन्ना का कोविड़ टेस्ट किया, कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उसे हॉस्पिटल में जगह दी गई। फिर उसके दूसरे दिन अन्ना देवी ने एक सुंदर सी कन्या को जन्म दिया, जन्म देने के 8 दिन बाद अन्ना देवी का निधन हो गया। जब उसकी सूचना पति हेमराज ने अपने परिवार वालों को दी तो हेमराज के परिवार वालों ने शव को निवास स्थल पलवल लाने से इंकार कर दिया। परिवार की तरफ से कोई सहयोग न मिलने पर हेमराज अस्पताल के बाहर बिलक बिलक कर रोने लगा।
वही मुबीन निवासी तेड, फिरोज खान निवासी घाघस, मुबारिक निवासी नौटकी नलहड़ अस्पताल में अपने किसी रिश्तेदार की तबीयत का हाल जानने के लिए वहां आए थे। जब वहां पर हेमराज को हॉस्पिटल के बाहर बिलख बिलख कर रोते हुए देखा तो उन्होंने इस बात का कारण पूछा तो उसकी परेशानी उन्हें देखी नहीं गई, तुरंत ही तीनों लोंगों ने इंसानियत का परिचय देते हुए एंबुलेंस की व्यवस्था करवा कर नलहड़ के स्थानीय शमशान घाट पर उसकी पत्नी अन्ना देवी का अंतिम संस्कार कराया।
ब्यूरो रिपोर्ट
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