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साहित्य परिषद ने हिन्दी= संस्कृत विभूतियों का किया सम्मान

साहित्य परिषद ने हिन्दी= संस्कृत विभूतियों का किया सम्मान

बरेली रूबरू बरेली। अखिल भारतीय साहित्य परिषद ब्रज प्रान्त बरेली के तत्वावधान में हिन्दी पखवाड़े के अंतर्गत राष्ट्र साधना के सौ वर्ष- काव्योत्सव एवं सम्मान समारोह में हिन्दी एवं संस्कृत के तीस साहित्यकारों को आदि कवि वाल्मीकि सम्मान से अलंकृत किया गया। 

सम्मानित होने बालों में उप प्राचार्य सुरेश चन्द्र शर्मा, शिव ओम शर्मा, डाॅ ब्रजेश कुमार शर्मा, निर्भय सक्सेना, संजीव कुमार शर्मा गंभीर, विमलेश चंद्र दीक्षित, नीलिमा रावत, गंगाराम पाल, डाॅ अखिलेश गुप्ता, उमेश चंद्र गुप्ता, डाॅ दीपांकर गुप्ता, एस के कपूर, डाॅ अनिल मिश्रा, रितेश साहनी, संजीव शंखधार, गणेश पथिक, सरदार गुरविंदर सिंह, कु आरोही रावत, आयुष उपाध्याय, ऋषभ शुक्ला, निकेश पाठक, मोहित शर्मा, सत्यम पाण्डेय, अतुल मिश्रा आदि शामिल रहे ।कवियत्री नीलिमा रावत द्वारा प्रस्तुत सरस्वती बंदना से कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ।

टीवरीनाथ संस्कृत महाविद्यालय सभागार में हुए कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि बंशीधर पाण्डेय ने कहा कि हिन्दी हमारी राष्ट्रीय अस्मिता और स्वाभिमान की प्रतीक है। यह हमारी संस्कृति और संस्कारों की भाषा है। इसलिए हमें अपनी मातृभाषा हिन्दी के प्रसार हेतु समर्पित भाव से कार्य करने की आवश्यकता है।


बरेली कॉलेज के हिन्दी के विभागाध्यक्ष रहे प्रो. डाॅ एस पी मौर्य ने कहा कि हिन्दी का प्रयोग करने में हमें गर्व का अनुभव करना चाहिए संकोच का नहीं । 
 समारोह की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष डाॅ सुरेश बाबू मिश्रा, महाविद्यालय के प्राचार्य बंशीधर पाण्डेय समारोह के मुख्य अतिथि रहे। गोष्ठी में उप प्राचार्य सुरेश चन्द्र शर्मा, विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य शिव ओम शर्मा, संजीव कुमार शर्मा गंभीर सरदार गुरविंदर सिंह एवं संजीव शंखधार ने भी विचार व्यक्त किए।  
अध्यक्षीय उद्बोधन में डाॅ सुरेश बाबू मिश्रा ने कहा कि आज वर्चुअल हिन्दी ग्लोबल भाषा बन गई है। हिन्दी विश्व के हर कोने में बोली और समझी जाती है । वर्तमान में हिन्दी विश्व की सर्वाधिक बोली जाने बाली तीसरी भाषा बन गई है । भारत और विश्व के लगभग 80 करोड़ लोगों द्वारा बोली जाने वाली हिन्दी आज जन - जन की भाषा बन गई है।


इस अवसर काव्य गोष्ठी में डाॅ ब्रजेश कुमार शर्मा, विमलेश चन्द्र दीक्षित, गंगाराम पाल, डाॅ अखिलेश कुमार गुप्ता, डाॅ एस पी मौर्य, प्रो. विनीता सिंह, निरुपमा अग्रवाल, एस के कपूर, कु आरोही, नीलिमा रावत, प्रदीप रावत, डाॅ अनिल मिश्रा, गणेश पथिक, रंजीता नागपाल आदि शामिल रहे।

कार्यक्रम मे प्रांतीय अध्यक्ष डाॅ सुरेश बाबू मिश्रा, मुख्य अतिथि प्राचार्य बंशीधर पाण्डेय, बरिष्ठ साहित्यकार निरुपमा अग्रवाल और डाॅ एस पी मौर्या ने सभी को पटका ओढ़ाकर और स्मृति- चिह्न देकर सम्मानित किया ।कार्यक्रम का संचालन निरुपमा अग्रवाल ने विमलेश चन्द्र दीक्षित ने सभी का आभार व्यक्त किया । वन्देमातरम के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। निर्भय सक्सेना


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