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कबाड़ से जुगाड़” की अनूठी पहल : वेस्ट आफ आर्ट से तैयार बुके से बन मंत्री एवं महापौर का अभिनव स्वागत।

कबाड़ से जुगाड़” की अनूठी पहल : वेस्ट आफ आर्ट से तैयार बुके से बन मंत्री एवं महापौर का अभिनव स्वागत।


बरेली रूबरू बरेली। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025- 2026 के अंतर्गत केंद्रीय अभियान “स्वच्छता ही सेवा" एवं “सेवा संकल्प अभियान– 2026” के तहत नगर निगम बरेली एवं विभिन्न विभागों द्वारा बहुउद्देशीय जनसेवा एवं जागरूकता शिविर में स्वच्छ भारत मिशन (एस बी एम) टीम द्वारा “कचरा नहीं, संसाधन समझें—कबाड़ से जुगाड़ करें, वेस्ट आफ आर्ट अपनाएं और स्वच्छता को व्यवहार बनाएं।” का संदेश दिया गया। 

कार्यक्रम में 1,200 से अधिक नागरिकों ने प्रतिभाग कर विभिन्न विभागीय योजनाओं, सेवाओं एवं जागरूकता गतिविधियों का लाभ उठाया।


वार्ड– 58, गुलाब नगर स्थित गुड्डर बाग में हुए कार्यक्रम का विशेष आकर्षण नगर निगम की स्वच्छ भारत मिशन (एस बी एम) टीम द्वारा लगाया गया रचनात्मक स्वच्छता जागरूकता स्टॉल रहा, जहां वेस्ट आफ आर्ट एवं “कबाड़ से जुगाड़” की अवधारणा को आकर्षक माध्यम से प्रदर्शित किया गया।

वार्ड– 58, गुलाब नगर स्थित गुड्डर बाग में स्वच्छ भारत मिशन (एस बी एम) आओ ई सी टीम द्वारा अनुपयोगी एवं बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं के पुनः उपयोग से वेस्ट ऑफ आर्ट से बुके तैयार किए गए। इन्हीं रचनात्मक बुके के माध्यम से प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री अरुण कुमार सक्सेना, महापौर उमेश गौतम, जिलाधिकारी अविनाश सिंह का स्वागत किया गया।


स्वच्छ भारत मिशन (एस बी एम) टीम की इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वागत एवं सजावट में भी ऐसी वस्तुओं का उपयोग किया जा सकता है जिन्हें सामान्यतः अनुपयोगी समझकर फेंक दिया जाता है। कचरे को नया रूप देकर उपयोगी एवं आकर्षक वस्तु में परिवर्तित करना ही “कबाड़ से जुगाड़” और वेस्ट आफ आर्ट की सोच को दर्शाता है।


स्वच्छ भारत मिशन (एस बी एम) आई ई सी टीम द्वारा स्टॉल पर 4 प्रकार के कचरा पृथक्करण, आर आर आर, घरेलू कचरा, आदि से संबंधित आकर्षक मॉडल लगाए गए।


इन मॉडलों के माध्यम से नागरिकों को समझाया गया कि स्वच्छता की शुरुआत घर से कचरे के स्रोत पर पृथक्करण से होती है। गीले, सूखे एवं अन्य श्रेणियों के कचरे को निर्धारित तरीके से अलग रखने तथा उनके उचित प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई।
स्वच्छ भारत मिशन (एस बी एम) टीम ने पोस्टर माध्यम से घर से निकलने वाले गीले/जैविक कचरे से खाद तैयार करने की अवधारणा समझाई गई। वहीं अनुपयोगी प्लास्टिक बोतलों के पुनः उपयोग से पौधरोपण एवं सजावट की गतिविधियों को प्रदर्शित करते हुए नागरिकों को वेस्ट टू ग्रीन की दिशा में प्रेरित किया गया।


नागरिकों को बताया गया कि अनुपयोगी वस्तुओं को तुरंत कचरा समझकर फेंकने के बजाय उनके पुनः प्रयोग एवं अप साइकिलिंग की संभावनाओं पर विचार किया जाए। इससे कचरे की मात्रा कम करने के साथ- साथ पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा दिया जा सकता है।


सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नागरिकों की सुविधा एवं उनकी समस्याओं के समाधान हेतु विभिन्न विभागों द्वारा बहुउद्देशीय शिविर लगाए गए। इनमें जिला स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, सेवायोजन कार्यालय, सेवा सेतु एवं सोलर सिस्टम, पशुपालन विभाग, उद्यान विभाग, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, कर विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग, दिव्यांग सशक्तीकरण विभाग, महिला कल्याण विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, विद्युत बिल सुधार शिविर, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन* प्रमुख रहे।


विभिन्न विभागीय स्टॉलों के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुना गया तथा संबंधित योजनाओं एवं सेवाओं के संबंध में आवश्यक जानकारी, मार्गदर्शन एवं समाधान उपलब्ध कराया गया।


कार्यक्रम में अनिल कुमार सक्सेना, पार्षदगण, स्वच्छ भारत मिशन की टीम तथा संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस बहुउद्देशीय कार्यक्रम में 1200 से अधिक नागरिकों ने प्रतिभाग किया तथा विभिन्न विभागीय सेवाओं एवं स्वच्छता जागरूकता गतिविधियों का लाभ उठाया।

इस कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छता में सहभागिता, स्रोत पर कचरा पृथक्करण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। निर्भय सक्सेना

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